भारतीय पासपोर्ट (Passport): नए नियम, पुलिस वेरिफिकेशन, तत्काल सेवा और री-इश्यू से जुड़े 20 जरूरी नियम

पासपोर्ट की 20 जरूरी बातें और नियम

🌍 सीरीज: हर नागरिक को जाननी चाहिए 20 जरूरी बातें

​✅ भाग-13: भारतीय पासपोर्ट से जुड़े 20 जरूरी नियम जानें


​पासपोर्ट केवल अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार करने का यात्रा दस्तावेज (Travel Document) नहीं है, बल्कि यह विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी भारतीय नागरिकता का सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय पहचान पत्र है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 (Passports Act, 1967) के तहत जारी होने वाले इस दस्तावेज की पूरी आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया अब ‘पासपोर्ट सेवा केंद्र’ (PSK) और ‘डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र’ (POPSK) के जरिए संचालित होती है।

​अधिकांश आवेदकों को पुलिस वेरिफिकेशन के पते, ईसीआर/नॉन-ईसीआर (ECNR) श्रेणी, तत्काल सेवा की पात्रता और पासपोर्ट री-इश्यू की समयसीमा को लेकर सटीक जानकारी नहीं होती। पासपोर्ट आवेदन से पहले इन 20 प्रमुख विधिक व व्यावहारिक नियमों को विस्तार से समझें:

1. पासपोर्ट क्या है और इसका विधिक आधार क्या है?

भारतीय पासपोर्ट, पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत भारत के राष्ट्रपति के नाम पर विदेश मंत्रालय के ‘केंद्रीय पासपोर्ट संगठन’ (CPO) द्वारा जारी किया जाने वाला आधिकारिक दस्तावेज है। यह धारक को विदेश यात्रा करने की विधिक अनुमति देता है और संबंधित विदेशी सरकारों से धारक को निर्बाध आवागमन व राजनयिक सुरक्षा प्रदान करने का वैधानिक अनुरोध करता है। भारत में सामान्य नागरिकों को 36 या 60 पृष्ठों की गहरे नीले रंग (Navy Blue) की साधारण पासपोर्ट बुकलेट जारी की जाती है।

2. फ्रेश पासपोर्ट (Fresh) बनाम री-इश्यू (Re-issue) में अंतर

  • Fresh Passport: यह उन नागरिकों के लिए होता है जो जीवन में पहली बार पासपोर्ट के लिए आवेदन कर रहे हैं और जिनके पास पहले कभी कोई पासपोर्ट जारी नहीं हुआ है।
  • Re-issue of Passport: यदि आपके पास पहले से कोई पासपोर्ट है और उसकी 10 वर्ष की समयसीमा समाप्त हो रही है, पन्ने भर गए हैं, कार्ड कट-फट गया है, गुम हो गया है अथवा नाम, उपनाम, पता या वैवाहिक स्थिति में कोई बदलाव कराना है, तो हमेशा ‘Re-issue’ का आवेदन किया जाता है (भारत में ‘Renewal’ शब्द का प्रयोग तकनीकी रूप से री-इश्यू के अंतर्गत ही होता है)।

3. पासपोर्ट की विधिक वैधता (Validity Period)

वयस्क नागरिकों (18 वर्ष या उससे अधिक) के लिए सामान्य पासपोर्ट की वैधता जारी होने की तिथि से ठीक 10 वर्ष की होती है। 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए यह वैधता 5 वर्ष या 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) मान्य होती है। हालांकि, 15 से 18 वर्ष के किशोर चाहें तो निर्धारित वयस्क शुल्क देकर पूरे 10 वर्ष की वैधता वाला पासपोर्ट भी बनवा सकते हैं।

4. 6 माह की शेष वैधता का अंतरराष्ट्रीय नियम (6-Month Validity Rule)

अधिकांश देशों (जैसे अमेरिका, ब्रिटेन, शेंगेन देश, यूएई आदि) के आव्रजन (Immigration) और वीजा नियम यह अनिवार्य करते हैं कि आपकी यात्रा की तिथि पर आपके पासपोर्ट की न्यूनतम 6 महीने की वैधता शेष होनी चाहिए। यदि वैधता 6 महीने से कम बची है, तो एयरलाइंस आपको भारत से उड़ान भरने की अनुमति नहीं देती। इसलिए पासपोर्ट की समाप्ति से कम से कम 9 से 12 महीने पहले ही री-इश्यू का आवेदन कर लेना चाहिए।

5. ECR बनाम Non-ECR (पुराना ECNR) श्रेणी का नियम

  • Non-ECR (पूर्व में ECNR): यदि आवेदक ने न्यूनतम 10वीं कक्षा (मैट्रिकुलेशन) या उससे उच्च शिक्षा उत्तीर्ण की है, तो उसे ‘Non-ECR’ पासपोर्ट जारी होता है। ऐसे नागरिकों को दुनिया के किसी भी देश में रोजगार हेतु जाने के लिए किसी आव्रजन मंजूरी (Emigration Clearance) की आवश्यकता नहीं होती।
  • ECR (Emigration Check Required): जो आवेदक 10वीं पास नहीं हैं, उनके पासपोर्ट पर ‘ECR’ अंकित होता है। उन्हें विदेश मंत्रालय द्वारा अधिसूचित 18 विशिष्ट देशों (मुख्यतः खाड़ी देशों) में मजदूरी या रोजगार के लिए जाने से पहले ‘प्रोटेक्टरेट ऑफ एमिग्रेंट्स’ (POE) से आव्रजन क्लीयरेंस लेना अनिवार्य होता है।

6. आवश्यक प्राथमिक दस्तावेज (Required Documents)

सामान्य वयस्क आवेदन के लिए तीन प्रमुख प्रमाण पत्र लगते हैं:

  • जन्म तिथि का प्रमाण: 10वीं की अंकतालिका, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, अथवा अधिकृत जन्म प्रमाण पत्र।
  • वर्तमान पते का प्रमाण: आधार कार्ड, राष्ट्रीयकृत बैंक की चालू फोटोयुक्त पासबुक, बिजली/पानी का बिल, पंजीकृत किरायानामा (Rent Agreement) या जीवनसाथी का पासपोर्ट।
  • Non-ECR का प्रमाण: 10वीं या उच्चतर शिक्षा का मूल उत्तीर्ण प्रमाण पत्र।

7. पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification – PV) के तीन प्रकार

पासपोर्ट कार्यालय आवेदक के पूर्ववृत्त और दस्तावेजों के आधार पर पुलिस जांच तय करता है:

  • Pre-Police Verification: पासपोर्ट छपने और जारी होने से पहले स्थानीय पुलिस थाने द्वारा घर आकर जांच की जाती है (सामान्य फ्रेश आवेदनों में यही लागू होता है)।
  • Post-Police Verification: पासपोर्ट पहले जारी कर दिया जाता है और पुलिस जांच बाद में पूरी होती है (यह मुख्यतः सरकारी कर्मचारियों या कुछ विशिष्ट तत्काल मामलों में होता है)।
  • No Police Verification: यदि किसी वैध पासपोर्ट का समयसीमा समाप्त होने से पहले री-इश्यू कराया जाए और व्यक्तिगत विवरणों में कोई बदलाव न हो, तो बिना पुलिस वेरिफिकेशन के ही पासपोर्ट जारी कर दिया जाता है।

8. पिछले 1 वर्ष के सभी पतों की अनिवार्य घोषणा

पासपोर्ट आवेदन में सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि आवेदक को पिछले 12 महीनों (1 वर्ष) के दौरान वह जहाँ-जहाँ भी रहा है, उन सभी पतों का स्पष्ट उल्लेख करना होता है। यदि कोई छात्र या नौकरीपेशा पिछले एक वर्ष में दो अलग-अलग शहरों में रहा है और उसने आवेदन में पुराना पता छिपा लिया, तो पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट प्रतिकूल (Adverse) आ सकती है और पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत ₹5,000 तक का जुर्माना लग सकता है।

9. mPassport Police App और टैबलेट आधारित त्वरित जांच

पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अधिकांश राज्यों में पुलिसकर्मियों को ‘mPassport Police App’ युक्त टैबलेट दिए गए हैं। पुलिस जांच अधिकारी सीधे आवेदक के घर जाकर जीपीएस लोकेशन और मौके पर खींची गई तस्वीर अपलोड करता है, जिससे रिपोर्ट 24 से 48 घंटे के भीतर सीधे पासपोर्ट कार्यालय के सिस्टम में डिजिटल रूप से दर्ज हो जाती है।

10. तत्काल पासपोर्ट सेवा (Tatkaal Scheme) के नियम और शुल्क

आपातकालीन यात्रा के लिए तत्काल योजना के तहत आवेदन किया जा सकता है। इसमें सामान्य शुल्क (₹1,500) के अतिरिक्त ₹2,000 का अतिरिक्त तत्काल शुल्क देय होता है। तत्काल सेवा में कोई भी विशिष्ट सिफारिश की आवश्यकता नहीं होती, परंतु आवेदक को अनुबंध (Annexure-A) में निर्धारित विशिष्ट 3 दस्तावेजों (जैसे आधार, पैन, वोटर कार्ड या बैंक पासबुक) की सूची पूरी करनी होती है। यदि दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तो बिना पूर्व पुलिस वेरिफिकेशन के 1 से 3 कार्यदिवसों के भीतर पासपोर्ट डिस्पैच कर दिया जाता है।

11. कौन से मामलों में तत्काल सेवा अनुमन्य नहीं है?

गंभीर मामलों में तत्काल सेवा का लाभ नहीं लिया जा सकता। यदि पासपोर्ट चोरी या पूरी तरह गुम हो गया हो, विदेश में पासपोर्ट खो गया हो, आवेदक का नाम पूरी तरह बदल गया हो, नागरिकता पर संदेह हो, या पूर्व में कभी किसी न्यायालय द्वारा कोई आपराधिक मामला लंबित हो, तो केवल ‘सामान्य (Normal)’ प्रक्रिया से ही आवेदन स्वीकार होता है।

12. पासपोर्ट गुम या चोरी होने पर विधिक कदम (Lost Passport)

यदि आपका पासपोर्ट खो जाता है, तो सबसे पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर प्राथमिकी (FIR / Police Lost Report) दर्ज कराएं। इसके बाद पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर ‘Re-issue under Lost/Damaged category’ में आवेदन करें। साक्षात्कार के समय पुलिस रिपोर्ट की मूल प्रति और पासपोर्ट गुम होने की परिस्थितियों का विवरण देने वाला स्व-हस्ताक्षरित शपथ पत्र (Annexure-F) प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है।

13. पासपोर्ट के पन्ने भर जाने पर नियम (Exhaustion of Pages)

पासपोर्ट पर वीजा लगाने या इमिग्रेशन मोहर लगाने के लिए पन्ने समाप्त होने पर री-इश्यू कराना अनिवार्य है। यदि आप बार-बार विदेश यात्रा करते हैं, तो आवेदन के समय ही 36 पृष्ठों के स्थान पर 60 पृष्ठों वाली जंबो बुकलेट (Jumbo Booklet) का चयन करें (इसके लिए मामूली अतिरिक्त शुल्क लगता है)। ध्यान रहे कि पन्नों पर अतिरिक्त खाली कागज चिपकाना कानूनन गैरकानूनी और दस्तावेज से छेड़छाड़ माना जाता है।

14. विवाह के बाद जीवनसाथी का नाम (Spouse Name) जोड़ना

विवाह के उपरांत पासपोर्ट में जीवनसाथी का नाम दर्ज कराने के लिए अब किसी विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) या संयुक्त हलफनामे की अनिवार्य बाध्यता समाप्त कर दी गई है। री-इश्यू आवेदन में जीवनसाथी का नाम लिखकर केवल स्व-घोषणा करना पर्याप्त होता है। हालांकि, यदि महिला अपना पहला नाम या उपनाम पूरी तरह बदलना चाहती है, तो उसे निर्धारित पहचान प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होता है।

15. तलाक अथवा एकल माता-पिता (Single Parent) के नियम

माता-पिता के अलगाव या तलाक के मामलों में बच्चे का पासपोर्ट बनवाते समय यदि दूसरे अभिभावक की सहमति उपलब्ध नहीं है, तो आवेदन पत्र के साथ एक निर्धारित प्रोफॉर्मा (Annexure-C या Annexure-D) में स्व-घोषणा प्रस्तुत करनी होती है। इसमें यह स्पष्ट करना होता है कि मामला किसी अदालत द्वारा बच्चे को देश से बाहर ले जाने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है।

16. लंबित आपराधिक मामले (Pending Criminal Cases) और अनापत्ति

पासपोर्ट अधिनियम की धारा 6(2)(f) के अनुसार यदि आवेदक के विरुद्ध भारत के किसी भी आपराधिक न्यायालय में कोई प्राथमिकी, आरोप पत्र (Charge Sheet) या आपराधिक मुकदमा लंबित है, तो पासपोर्ट कार्यालय आवेदन रोक देता है। ऐसे नागरिकों को पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए संबंधित विचारणीय न्यायालय (Trial Court) से विदेश यात्रा अथवा पासपोर्ट जारी करने का ‘विशेष अनापत्ति आदेश’ (Court NOC Order) प्राप्त कर प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है।

17. पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC – Police Clearance Certificate)

विदेश में स्थायी निवास (PR), दीर्घकालिक रोजगार वीजा अथवा छात्र वीजा के लिए संबंधित विदेशी दूतावास आवेदक से ‘PCC’ मांगते हैं। पीसीसी यह प्रमाणित करता है कि आवेदक का भारत में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इसके लिए पासपोर्ट सेवा पोर्टल से अलग से ₹500 का शुल्क देकर आवेदन करना होता है, जिसके बाद पुलिस वेरिफिकेशन के उपरांत ही क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा औपचारिक पीसीसी जारी किया जाता है।

18. ई-पासपोर्ट (e-Passport) और बायोमेट्रिक चिप की तकनीक

भारत सरकार अब उन्नत सुरक्षा मानकों वाले ‘चिप-सक्षम ई-पासपोर्ट’ (e-Passports with embedded ICAO compliant electronic chip) जारी कर रही है। इस पासपोर्ट के पिछले कवर में एक छोटी सिलिकॉन माइक्रोचिप और एंटीना लगा होता है, जिसमें धारक का जनसांख्यिकीय डेटा, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट और डिजिटल हस्ताक्षर सुरक्षित रूप से एन्क्रिप्टेड रहते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर स्वचालित ई-गेट्स (Automated e-Gates) से इमिग्रेशन क्लीयरेंस कुछ ही सेकंड में पूरा हो जाता है और फर्जी पासपोर्ट बनने की संभावना शून्य हो जाती है।

19. फर्जी वेबसाइटों और एजेंटों से बचाव

पासपोर्ट आवेदन के लिए केवल और केवल विदेश मंत्रालय के आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल passportindia.gov.in अथवा आधिकारिक मोबाइल ऐप ‘mPassport Seva’ का ही उपयोग करें। इंटरनेट पर .org, .in, या .com डोमेन वाली कई फर्जी या क्लोन वेबसाइटें प्रोसेसिंग फीस के नाम पर नागरिकों से ठगी करती हैं। पासपोर्ट कार्यालय में किसी भी बिचौलिए या एजेंट का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है।

20. पासपोर्ट आवेदन व दस्तावेज सत्यापन चेकलिस्ट

क्र.सं. सेवा व जांच बिंदु महत्वपूर्ण विधिक निर्देश
1 आधिकारिक पोर्टल केवल passportindia.gov.in से ही अपॉइंटमेंट बुक करें और ऑनलाइन शुल्क भरें
2 पते की घोषणा पिछले 12 महीनों में जहाँ भी रहे हों, उन सभी पतों का सही विवरण दें
3 मूल दस्तावेज PSK केंद्र पर जन्मतिथि, पते और 10वीं मार्कशीट (Non-ECR) की मूल प्रतियां ले जाएं
4 वैधता की जांच अंतरराष्ट्रीय यात्रा से पहले सुनिश्चित करें कि पासपोर्ट में न्यूनतम 6 माह की वैधता शेष हो
5 तत्काल सेवा नियम आपात स्थिति में 3 विशिष्ट दस्तावेजों के साथ ₹2,000 अतिरिक्त शुल्क देकर आवेदन करें
6 पुलिस वेरिफिकेशन थाने से कॉल आने पर सभी मूल दस्तावेजों और गवाहों के पहचान पत्रों सहित उपस्थित हों

पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपकी विधिक सुरक्षा और संप्रभु भारतीय पहचान का प्रतीक है। अपने आवेदन में सभी तथ्य, पते और आपराधिक रिकॉर्ड की स्थिति पूर्णतः सत्य दर्ज करें; कोई भी जानकारी छिपाने पर आवेदन निरस्त होने के साथ विधिक दंडात्मक कार्रवाई भी हो सकती है। विदेश यात्रा की योजना बनते ही अपने पासपोर्ट की वैधता जांचें और समय रहते री-इश्यू कराएं।

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भाग-14: UPI, PhonePe और Google Pay: नए सुरक्षा नियम, फ्रॉड से बचाव, ऑटो-पे और शिकायत निवारण की 20 जरूरी बातें

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