UPTET 2026: रिजल्ट संशोधन पर आयोग का फैसला, OMR और Normalization पर बड़ी जानकारी
- किन मामलों को लेकर अभ्यावेदन दिए गए थे?
- पहली श्रेणी: OMR Sheet में अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका क्रमांक की गलती
- दूसरी और तीसरी श्रेणी: Normalization और Answer Key से जुड़े मामले
- Normalization प्रक्रिया पर आयोग ने क्या कहा?
- चौथी श्रेणी: प्रमाण-पत्र में नाम और अन्य विवरण की गलती
- आयोग का निर्णय एक नजर में
- अभ्यर्थियों के लिए क्या महत्वपूर्ण है?
- UPTET 2026 प्रमाण-पत्र में सुधार कैसे होगा?
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के परीक्षा परिणाम में संशोधन को लेकर अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए प्रत्यावेदनों पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अपना निर्णय जारी कर दिया है। आयोग ने इस संबंध में 06 सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति ने अभ्यर्थियों की ओर से प्राप्त प्रत्यावेदनों की जांच करने के बाद अपनी आख्या आयोग के समक्ष प्रस्तुत की।
आयोग की ओर से जारी विज्ञप्ति 16 सितंबर 2026 की है। इसमें प्रत्यावेदनों को जांच के बाद चार अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। आयोग ने प्रत्येक श्रेणी से संबंधित शिकायतों पर अपना निर्णय भी स्पष्ट किया है।
किन मामलों को लेकर अभ्यावेदन दिए गए थे?
आयोग के अनुसार UPTET-2026 के परीक्षा परिणाम में संशोधन की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रत्यावेदन प्रस्तुत किए थे। इन प्रत्यावेदनों में मुख्य रूप से OMR Sheet भरने में हुई त्रुटि, Normalization से प्राप्त कम अंक, Answer Key के आधार पर कम अंक मिलने तथा सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र में नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि और वर्ग/श्रेणी में गलती से संबंधित मामले शामिल थे।
जांच के बाद आयोग ने इन सभी मामलों को चार श्रेणियों में रखा और प्रत्येक के संबंध में निर्णय जारी किया।
पहली श्रेणी: OMR Sheet में अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका क्रमांक की गलती
पहली श्रेणी में उन अभ्यर्थियों के प्रत्यावेदन शामिल किए गए हैं, जिनकी शिकायत OMR Sheet में अनुक्रमांक के गोले, प्रश्न पुस्तिका क्रमांक के गोले या दोनों को गलत भरने से संबंधित थी।
आयोग ने अपने निर्णय में कहा है कि परीक्षा से पहले जारी विज्ञापन, प्रवेश-पत्र, OMR तथा कक्ष निरीक्षक के माध्यम से अभ्यर्थियों को OMR उत्तर पत्रक भरने और चिन्हित करने की पूरी प्रक्रिया के संबंध में निर्देश दिए गए थे। OMR भरते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी अभ्यर्थियों को जानकारी दी गई थी।
आयोग ने स्पष्ट किया कि OMR उत्तर पत्रक में अनुक्रमांक अथवा प्रश्न पुस्तिका क्रमांक को नहीं भरने या गलत भरने की स्थिति में OMR का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। इसके लिए अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होगा, क्योंकि OMR की मूल्यांकन और प्रोसेसिंग प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमाइजेशन पर आधारित है।
आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि OMR मूल्यांकन से संबंधित पूर्व निर्देशों और विभिन्न माननीय न्यायालयों के निर्णयों के आलोक में इस श्रेणी के प्रत्यावेदनों में अभ्यर्थियों की असंतुष्टि को स्वीकार करने योग्य नहीं पाया गया।
दूसरी और तीसरी श्रेणी: Normalization और Answer Key से जुड़े मामले
दूसरी और तीसरी श्रेणी के प्रत्यावेदनों में मुख्य रूप से परीक्षा में प्राप्त अंकों से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। इनमें आयोग द्वारा अपनाई गई Normalization प्रक्रिया के कारण कम अंक मिलने तथा उत्तर कुंजी के आधार पर कम अंक प्राप्त होने से संबंधित प्रत्यावेदन शामिल हैं।
आयोग ने बताया कि परीक्षा आयोजित होने से पहले ही विज्ञप्ति और विज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया था कि यदि परीक्षा एक से अधिक दिनों या पालियों में आयोजित होती है तो अभ्यर्थियों के तुलनात्मक मूल्यांकन के लिए स्कोर Normalization की प्रक्रिया लागू होगी।
Normalization प्रक्रिया पर आयोग ने क्या कहा?
आयोग के अनुसार अलग-अलग पालियों में प्रस्तुत प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर के तुलनात्मक मूल्यांकन के लिए उच्च स्तर के Software आधारित वैज्ञानिक सूत्र का प्रयोग किया गया। इसी प्रक्रिया के आधार पर मूल्यांकन करके परीक्षा परिणाम तैयार किया गया।
आयोग ने यह भी कहा कि अन्य परीक्षा संस्थाओं द्वारा अपनाई गई इस प्रकार की प्रक्रिया को विभिन्न माननीय न्यायालयों द्वारा भी सही माना गया है। आयोग ने इसे एक वैज्ञानिक प्रक्रिया बताया है।
Normalization के कारण कुछ अभ्यर्थियों के अंक कम और कुछ अभ्यर्थियों के अंक अधिक होना आयोग के अनुसार स्वाभाविक है। इसलिए Normalization प्रक्रिया से प्राप्त अंकों को लेकर दिए गए प्रत्यावेदनों पर आयोग ने बदलाव स्वीकार नहीं किया।
आयोग ने स्पष्ट निर्णय लिया कि श्रेणी संख्या-2 और 3 से संबंधित प्रत्यावेदनों में मांगा गया अनुतोष, यानी अंकों अथवा Normalization में परिवर्तन, ग्राह्य नहीं है।
चौथी श्रेणी: प्रमाण-पत्र में नाम और अन्य विवरण की गलती
चौथी श्रेणी में सफल अभ्यर्थियों के परीक्षा परिणाम प्रमाण-पत्र में हुई गलतियों से संबंधित प्रत्यावेदन शामिल किए गए हैं।
इनमें मुख्य रूप से नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि तथा वर्ग/श्रेणी में हुई त्रुटियों को सुधारने की मांग की गई थी।
आयोग ने इस संबंध में निर्णय लिया है कि सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र में इन विवरणों की त्रुटियों को ठीक करने के लिए आयोग के पोर्टल के माध्यम से शीघ्र ही ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।
अभ्यर्थियों को यह आवेदन स्वयं भरना होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद संशोधित प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जा सकेगा।
आयोग का निर्णय एक नजर में
| श्रेणी | संबंधित मामला | आयोग का निर्णय |
|---|---|---|
| श्रेणी-1 | OMR में अनुक्रमांक/प्रश्न पुस्तिका क्रमांक गलत या नहीं भरना | OMR का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा |
| श्रेणी-2 | Normalization से कम अंक | Normalization में परिवर्तन स्वीकार नहीं |
| श्रेणी-3 | Answer Key के आधार पर कम अंक | संबंधित प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं |
| श्रेणी-4 | प्रमाण-पत्र में नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि, वर्ग/श्रेणी की गलती | पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सुधार का अवसर |
अभ्यर्थियों के लिए क्या महत्वपूर्ण है?
UPTET 2026 परिणाम से संबंधित अभ्यर्थियों के लिए आयोग की यह विज्ञप्ति महत्वपूर्ण है। OMR में अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका क्रमांक गलत भरने से संबंधित मामलों में आयोग ने मूल्यांकन में बदलाव स्वीकार नहीं किया है।
वहीं Normalization प्रक्रिया से प्राप्त अंकों अथवा उससे संबंधित परिवर्तन की मांग को भी आयोग ने स्वीकार नहीं किया है। Answer Key के आधार पर कम अंक मिलने से संबंधित प्रत्यावेदनों पर भी आयोग ने राहत देने का निर्णय नहीं लिया है।
इसके विपरीत, जिन सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र में नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि या वर्ग/श्रेणी से संबंधित त्रुटियां हैं, उनके लिए आयोग ऑनलाइन सुधार की प्रक्रिया शुरू करेगा।
UPTET 2026 प्रमाण-पत्र में सुधार कैसे होगा?
आयोग ने विज्ञप्ति में बताया है कि सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र में हुई निर्धारित त्रुटियों के सुधार के लिए आयोग के पोर्टल के माध्यम से शीघ्र ही ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को यह आवेदन स्वयं भरना होगा।
आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अभ्यर्थी पोर्टल पर जाकर अपनी सही जानकारी दर्ज कर सकेंगे। आयोग द्वारा जांच के बाद संशोधित प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जा सकेगा।
महत्वपूर्ण: विज्ञप्ति में ऑनलाइन सुधार आवेदन शुरू होने की अलग तारीख इस पत्र में नहीं दी गई है। इसलिए अभ्यर्थियों को आयोग की आगामी सूचना का इंतजार करना होगा।
UPTET 2026 के परीक्षा परिणाम में संशोधन की मांग को लेकर दिए गए प्रत्यावेदनों पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 16 सितंबर 2026 को निर्णय जारी किया है। आयोग ने मामलों को चार श्रेणियों में बांटकर उनका निस्तारण किया है।
OMR में अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका क्रमांक गलत भरने से संबंधित मामलों में आयोग ने मूल्यांकन में बदलाव से इनकार किया है। Normalization और Answer Key से जुड़े मामलों में भी मांगा गया अनुतोष स्वीकार नहीं किया गया है। वहीं सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र में नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि और वर्ग/श्रेणी की त्रुटियों के सुधार के लिए ऑनलाइन आवेदन का रास्ता खोला जाएगा।

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