परिषदीय शिक्षक-शिक्षिकाएं अपनी सुविधा के अनुसार ले सकेंगे ‘पितृ विसर्जन’ का अवकाश! देखें नियम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षिकाओं के लिए ‘पितृ विसर्जन अवकाश’ को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई है। विभाग द्वारा जारी वर्ष 2026 की अवकाश तालिका के अनुसार, अब प्रदेश के सभी शिक्षक और शिक्षिकाएं अपनी आवश्यकता और पारिवारिक मान्यताओं के अनुसार इस अवकाश का उपभोग कर सकेंगे।
अवकाश तालिका के बिंदु 5 में स्पष्ट प्रावधान परिषद द्वारा जारी की गई आधिकारिक अवकाश तालिका के क्रमांक 5 में इस छुट्टी को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। नियम के मुताबिक, जिस प्रकार शिक्षिकाओं को हरि तालिका तीज, करवा चौथ, संकटा चतुर्थी, हलषष्ठी (ललाई छठ) और जीउतिया व्रत/अहोई अष्टमी जैसे विशेष त्योहारों पर अवकाश देय होता है, उसी तरह ‘पितृ विसर्जन’ का अवकाश भी देय होगा। अहम बात यह है कि महिला विशेष छुट्टियों के विपरीत, पितृ विसर्जन का अवकाश शिक्षक और शिक्षिकाओं दोनों के लिए मान्य किया गया है।
बिना निर्धारित तिथि के कैसे मिलेगा लाभ? मुख्य अवकाश सूची में ‘पितृ विसर्जन’ के लिए कोई एक निश्चित या फिक्स तिथि अंकित नहीं की गई है। शिक्षा विभाग के जानकारों के अनुसार, ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि हर परिवार में पितृ विसर्जन की वास्तविक तिथि अलग-अलग हो सकती है।
इस व्यवस्था के तहत, महिला विशेष त्योहारों पर मिलने वाले अवकाश की तर्ज पर ही सभी शिक्षक और शिक्षिकाएं अपनी आवश्यकता और वास्तविक तिथि के अनुसार इस छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे। विभाग का यह निर्णय शिक्षकों को प्रशासनिक अड़चनों से बचाते हुए, उनकी पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पैतृक कार्यों को संपन्न करने की सहूलियत प्रदान करता है।


