पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को प्रत्येक शुक्रवार मिलेगा सूजी का मीठा हलवा और उपमा, देखें मात्रा और कन्वर्जन कॉस्ट
- योजना की अवधि: नवम्बर 2026 से फरवरी 2027 तक
- सप्लीमेन्ट्री न्यूट्रिशन: मीठा हलवा और उपमा
- वितरण का दिन: प्रत्येक शुक्रवार
- प्रत्येक शुक्रवार को होगा वितरण
- प्रत्येक बच्चे के लिए 30 ग्राम सूजी
- मीठा हलवा बनाने की लागत
- उपमा (नमकीन हलवा) बनाने की लागत
- मध्याह्न भोजन के अतिरिक्त मिलेगा पूरक पोषण
- खाद्य सामग्री की खरीद स्थानीय स्तर पर
- रसोइयों को मिलेगा अतिरिक्त पारिश्रमिक
- विद्यालयों को रखना होगा पूरा रिकॉर्ड
- धनराशि SNA SPARSH के माध्यम से भेजी जाएगी
- योजना की होगी निगरानी
- शिक्षकों और विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण
उत्तर प्रदेश के पीएम पोषण योजनान्तर्गत (PM POSHAN) आच्छादित सभी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए नवंबर 2026 से महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की जाएगी। विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन के अतिरिक्त ‘सप्लीमेन्ट्री न्यूट्रिशन’ के अंतर्गत सूजी से तैयार मीठा हलवा एवं उपमा (नमकीन हलवा) उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके लिए शासन स्तर से विद्यालयों को विस्तृत कार्ययोजना एवं आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह व्यवस्था नवंबर 2026 से फरवरी 2027 के तीसरे सप्ताह तक संचालित की जाएगी।
प्रत्येक शुक्रवार को होगा वितरण
सप्लीमेन्ट्री न्यूट्रिशन का वितरण विद्यालयों में प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को किया जाएगा। यदि शुक्रवार को विद्यालय में अवकाश रहता है तो अगले कार्यदिवस में बच्चों को निर्धारित पोषण आहार दिया जाएगा।
| सप्ताह | दिया जाने वाला आहार |
|---|---|
| प्रथम सप्ताह | मीठा हलवा |
| द्वितीय सप्ताह | उपमा (नमकीन हलवा) |
| तृतीय सप्ताह | मीठा हलवा |
| चतुर्थ सप्ताह | उपमा (नमकीन हलवा) |
| पंचम सप्ताह | उपमा (नमकीन हलवा) |
यह व्यवस्था नवंबर 2026 से फरवरी 2027 के तृतीय सप्ताह तक लागू रहेगी।
प्रत्येक बच्चे के लिए 30 ग्राम सूजी
विद्यालय स्तर पर रसोइयों द्वारा मीठा हलवा एवं उपमा तैयार किया जाएगा। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए न्यूनतम 30 ग्राम सूजी का प्रयोग किया जाएगा।
मीठा हलवा बनाने की लागत
| सामग्री | निर्धारित लागत |
|---|---|
| सूजी | ₹1.32 |
| घी | ₹3.27 |
| चीनी | ₹1.07 |
| मिल्क पाउडर | ₹0.84 |
| ईंधन | ₹0.50 |
| कुल | ₹7.00 |
उपमा (नमकीन हलवा) बनाने की लागत
| सामग्री | निर्धारित लागत |
|---|---|
| सूजी | ₹1.32 |
| तेल | ₹0.38 |
| मौसमी सब्जी | ₹0.60 |
| नमक | ₹0.90 |
| मसाले आदि | ₹0.30 |
| ईंधन | ₹0.50 |
| कुल | ₹4.00 |
मध्याह्न भोजन के अतिरिक्त मिलेगा पूरक पोषण
सप्लीमेन्ट्री न्यूट्रिशन को बच्चों को मध्याह्न भोजन के अतिरिक्त उपलब्ध कराया जाएगा। निर्धारित सप्ताह के अनुसार विद्यालय में मीठा हलवा अथवा उपमा तैयार कर बच्चों को वितरित किया जाएगा।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। पैकेटबंद सामग्री खरीदते समय FSSAI मार्क एवं एक्सपायरी डेट की जांच करनी होगी।
खाद्य सामग्री की खरीद स्थानीय स्तर पर
हलवा एवं उपमा तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री की खरीद विद्यालय स्तर पर स्थानीय रूप से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
विद्यालयों को खरीदी गई सामग्री के बिल सुरक्षित रखने तथा स्टॉक पंजिका में आवश्यक विवरण दर्ज करने होंगे। खाद्य सामग्री को सुरक्षित एवं उचित स्थान पर रखने की व्यवस्था भी करनी होगी।
रसोइयों को मिलेगा अतिरिक्त पारिश्रमिक
सप्लीमेन्ट्री न्यूट्रिशन के तहत बच्चों के लिए हलवा एवं उपमा तैयार करने और वितरण में सहयोग करने वाले रसोइयों को प्रति छात्र प्रति विद्यालय दिवस ₹2 की दर से अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जाएगा।
यह अतिरिक्त पारिश्रमिक विद्यालय में कार्यरत सभी रसोइयों के बीच समान रूप से देय होगा।
संबंधित धनराशि योजना अवधि में लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर रसोइयों के बैंक खातों में SNA SPARSH के माध्यम से भेजी जाएगी। निर्धारित धनराशि का भुगतान 31 मार्च 2027 से पहले किया जाना है।
विद्यालयों को रखना होगा पूरा रिकॉर्ड
सप्लीमेन्ट्री न्यूट्रिशन के वितरण से संबंधित अभिलेख विद्यालय स्तर पर सुरक्षित रखने होंगे।
| रिकॉर्ड | विवरण |
|---|---|
| विद्यार्थियों का विवरण | तिथि एवं लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या |
| खाद्य सामग्री | सामग्री का नाम एवं मात्रा |
| खरीद संबंधी रिकॉर्ड | बिल एवं भुगतान का विवरण |
| स्टॉक पंजिका | उपलब्ध खाद्य सामग्री का विवरण |
| वितरण का प्रमाण | सप्लीमेन्ट्री न्यूट्रिशन वितरण के फोटो |
| निरीक्षण रिकॉर्ड | अधिकारियों के निरीक्षण से संबंधित आवश्यक विवरण |
धनराशि SNA SPARSH के माध्यम से भेजी जाएगी
योजना के संचालन के लिए संबंधित धनराशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराई जाएगी। जनपद स्तर से आवश्यक धनराशि विद्यालय स्तर पर संचालित मध्याह्न भोजन निधि खातों में अंतरित की जाएगी।
रसोइयों के अतिरिक्त पारिश्रमिक का भुगतान भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
योजना की होगी निगरानी
सप्लीमेन्ट्री न्यूट्रिशन के वितरण की निगरानी विद्यालय, विकासखंड एवं जनपद स्तर पर की जाएगी। संबंधित अधिकारियों द्वारा विद्यालयों का निरीक्षण किया जा सकता है।
इसके अलावा योजना की प्रगति एवं गुणवत्ता का मूल्यांकन सोशल ऑडिट के माध्यम से भी कराया जाएगा। मां समूह/एसएमसी के माध्यम से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी भी की जाएगी।
शिक्षकों और विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण
पीएम पोषण योजना से आच्छादित विद्यालयों में नवंबर 2026 से फरवरी 2027 के तीसरे सप्ताह तक विद्यार्थियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सूजी का मीठा हलवा एवं उपमा दिया जाएगा।
विद्यालयों को निर्धारित सामग्री की व्यवस्था, खाद्य गुणवत्ता, समय पर वितरण, अभिलेखों का रखरखाव तथा रसोइयों के अतिरिक्त पारिश्रमिक से संबंधित निर्देशों का पालन करना होगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को नियमित मध्याह्न भोजन के अतिरिक्त पूरक पोषण उपलब्ध कराना है।
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