यूपी डीएलएड प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर 2026 के आंतरिक मूल्यांकन अंक ऑनलाइन फीडिंग के सम्बन्ध में।
उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (PNP), प्रयागराज ने डीएलएड (बीटीसी) प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाओं के संपन्न होने के तुरंत बाद आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) अंकों को ऑनलाइन फीड करने के संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी द्वारा 26 सितंबर 2026 को सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) और निजी डीएलएड संस्थानों को यह निर्देश भेजा गया है।
डीएलएड परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन की महत्वपूर्ण तिथियां
डीएलएड (बीटीसी) प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 21.09.2026 से 26.09.2026 तक सफलतापर्वक आयोजित की जा चुकी हैं। परीक्षाओं के बाद अब द्विवर्षीय पाठ्यक्रम की व्यवस्था के अनुसार आंतरिक मूल्यांकन के अंक ऑनलाइन पोर्टल पर भरकर उनकी प्रिंटेड सूची प्रेषित करनी होगी। इसके लिए पीएनपी ने स्पष्ट समय-सारणी निर्धारित की है:
- संस्थानों द्वारा अंक अपलोड करने की तिथि: राजकीय एवं निजी डीएलएड संस्थानों द्वारा वेबसाइट पर अंक फीड करने और समिति के हस्ताक्षरयुक्त सूची अपलोड करने की अवधि 28.09.2026 से 08.10.2026 तक है।
- डायट (DIET) द्वारा अप्रूवल की तिथि: संबंधित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा अंकों का मिलान कर उन्हें स्वीकृत/अप्रूव करने की अवधि 29.09.2026 से 10.10.2026 तक तय की गई है।
बैचवार निर्धारित वेबसाइट पोर्टल्स
आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को अपलोड करने के लिए सत्र या बैच के अनुसार अलग-अलग वेबसाइटें निर्धारित की गई हैं, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:
- डीएलएड प्रशिक्षण- 2018, 2021, 2023 एवं 2025 बैच: इन सत्रों के अंक http://www.btcexam.in वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।
- डीएलएड प्रशिक्षण- 2019, 2022 एवं 2024 बैच: इन सत्रों के अंक http://www.updeledexam.in वेबसाइट पर फीड किए जाएंगे।
संस्थानों को इन वेबसाइटों पर जाकर ‘डायट लॉगिन’ (DIET Login) के माध्यम से अंकों की फीडिंग प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पीएनपी की सख्त चेतावनी और निर्देश
परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने सभी संस्थानों को कड़े निर्देश दिए हैं कि निर्धारित अंतिम तिथि (08 अक्टूबर 2026) के बाद किसी भी परिस्थिति में कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, ऑनलाइन माध्यम के अलावा किसी भी अन्य तरीके से भेजे गए ऑफलाइन आंतरिक मूल्यांकन के अंक स्वीकार नहीं किए जाएंगे। समय-सीमा का पालन न करने पर संस्थानों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए सभी प्राचार्य और प्रबंधक समय रहते प्रक्रिया पूरी करें।
