Bonus 2025-26: यूपी के कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस मंजूर, अधिकतम ₹6,908 मिलेंगे

उत्तर प्रदेश सरकार का कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का शासनादेश

Bonus 2025-26: लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के 30 दिन के तदर्थ बोनस के भुगतान को मंजूरी दे दी है। शासन के वित्त (वेतन आयोग) अनुभाग-1 की ओर से 5 नवंबर 2026 को इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। इसके तहत पात्र अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों तथा राजकीय विभागों के कार्यभारित कर्मचारियों को बोनस का लाभ मिलेगा।

शासनादेश के अनुसार बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा ₹7,000 निर्धारित की गई है। इस आधार पर पात्र कर्मचारियों को अधिकतम ₹6,908 तक तदर्थ बोनस देय होगा। वहीं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए अलग पात्रता और गणना का प्रावधान किया गया है।

उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से जारी शासनादेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस की स्वीकृति प्रदान की गई है।

यह सुविधा उन कर्मचारियों के लिए है जो उत्पादकता से जुड़ी किसी अन्य बोनस योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं। शासनादेश में बोनस भुगतान के लिए पात्रता, गणना, भुगतान और अन्य शर्तें निर्धारित की गई हैं।

किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस?

शासनादेश के अनुसार निम्न श्रेणियों के पात्र कर्मचारियों को तदर्थ बोनस का लाभ दिया जाएगा:

  1. पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारी।
  2. राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी।
  3. सहायता प्राप्त प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी।
  4. स्थानीय निकायों के कर्मचारी।
  5. जिला पंचायतों के कर्मचारी।
  6. राजकीय विभागों के कार्यभारित प्रतिष्ठानों के पात्र कर्मचारी।
  7. निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी।

पे मैट्रिक्स लेवल-8 तक के कर्मचारियों को लाभ

शासनादेश के अनुसार नियमित वेतन संरचना में पे मैट्रिक्स लेवल-8 (₹47,600 से ₹1,51,100) तक के पदों पर कार्यरत अराजपत्रित कर्मचारियों को तदर्थ बोनस अनुमन्य होगा।

यदि किसी कर्मचारी को वित्तीय स्तरोन्नयन के कारण इससे उच्च वेतन मैट्रिक्स स्तर का वेतन मिल रहा है, तब भी निर्धारित शर्तों के अधीन बोनस की पात्रता पर विचार किया जाएगा।

अधिकतम ₹6,908 तक मिलेगा बोनस

बोनस की गणना के लिए मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा ₹7,000 निर्धारित की गई है। शासनादेश में एक माह के औसत दिनों की संख्या 30.4 मानते हुए 30 दिन के बोनस की गणना का प्रावधान है।

गणना इस प्रकार होगी:

₹7,000 × 30 ÷ 30.4 = ₹6,907.89

पूर्णांक में इसे ₹6,908 माना जाएगा।

इस प्रकार जिन पात्र कर्मचारियों की वास्तविक औसत मासिक परिलब्धियां ₹7,000 से अधिक हैं, उन्हें गणना के लिए ₹7,000 की अधिकतम सीमा मानकर बोनस दिया जाएगा। जिनकी परिलब्धियां इससे कम हैं, उनका बोनस वास्तविक परिलब्धियों के आधार पर निकाला जाएगा।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को कितना बोनस मिलेगा?

शासनादेश में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए भी बोनस का प्रावधान किया गया है।

इसके अनुसार 6 कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में 31 मार्च 2024 तक लगातार तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक कार्य करने तथा प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन काम करने वाले कर्मचारी पात्रता की शर्तें पूरी करने पर इस सुविधा के पात्र होंगे।

5 कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों के लिए निर्धारित अवधि में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन कार्य करने की शर्त दी गई है।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए गणना की अधिकतम मासिक परिलब्धि ₹1,200 निर्धारित की गई है।

गणना:

₹1,200 × 30 ÷ 30.4 = ₹1,184.21

इस आधार पर अधिकतम ₹1,184 का तदर्थ बोनस देय होगा। वास्तविक परिलब्धियां ₹1,200 से कम होने पर बोनस की गणना वास्तविक परिलब्धियों के आधार पर की जाएगी।

बोनस की 75 प्रतिशत राशि PF खाते में और 25 प्रतिशत नकद मिलेगी

शासनादेश के अनुसार पात्र कर्मचारियों को स्वीकृत तदर्थ बोनस की धनराशि का भुगतान दो भागों में किया जाएगा।

  • 75 प्रतिशत राशि: संबंधित कर्मचारी के भविष्य निधि (PF) खाते में जमा की जाएगी।
  • 25 प्रतिशत राशि: कर्मचारी को नकद भुगतान किया जाएगा।

यदि कोई कर्मचारी भविष्य निधि खाते का सदस्य नहीं है तो उसके हिस्से की राशि राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) के रूप में दी जाएगी अथवा उसके पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) खाते में जमा की जाएगी।

हालांकि, शासनादेश में निर्धारित सेवानिवृत्ति संबंधी विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के लिए पूरी बोनस राशि नकद देने का प्रावधान भी किया गया है।

अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे वाले कर्मचारियों के लिए नियम

शासनादेश में बोनस भुगतान को लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई और आपराधिक मुकदमों से संबंधित शर्तें भी निर्धारित की गई हैं।

जिन कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई अथवा आपराधिक मुकदमे में दंडित किया गया है, उन्हें उस वर्ष का तदर्थ बोनस देय नहीं होगा।

वहीं जिन कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई या न्यायालय में आपराधिक मुकदमा लंबित है, उनका बोनस संबंधित कार्रवाई या मुकदमे के परिणाम आने तक स्थगित रहेगा। दोषमुक्त होने की स्थिति में नियमानुसार रोकी गई बोनस राशि का भुगतान किया जाएगा।

बोनस की धनराशि का भुगतान किस मद से होगा?

शासनादेश के अनुसार स्वीकृत तदर्थ बोनस की गणना की गई धनराशि को संबंधित कर्मचारियों के वेतन व्यय वाले उसी लेखा शीर्षक में दर्ज किया जाएगा। इसे मानक मद ‘वेतन’ के अंतर्गत लेखांकित किया जाएगा।

कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

उत्तर प्रदेश सरकार के इस शासनादेश से पात्र राज्य कर्मचारियों और अन्य निर्धारित श्रेणियों के कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस का लाभ मिलेगा।

बोनस की अधिकतम राशि सामान्य पात्र कर्मचारियों के लिए ₹6,908 और निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए ₹1,184 है। भुगतान का 75 प्रतिशत हिस्सा PF में जमा और 25 प्रतिशत नकद दिए जाने का प्रावधान है।

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शासनादेश की तारीख: 5 नवंबर 2026

विभाग: वित्त (वेतन आयोग) अनुभाग-1, उत्तर प्रदेश शासन

शासनादेश संख्या: 7/2024/वे0आ0-1-625/दस-2024-36(एम)/08

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