UP Cabinet Decision 2026: यूपी कैबिनेट के 22 प्रस्ताव मंजूर, कर्मचारियों को कैशलेस इलाज, जानें विस्तार से

UP Cabinet Meeting 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने की खबर सामने आई है। इन फैसलों में शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, पशुपालकों को आर्थिक सहायता, सैनिक स्कूल मैनपुरी के विस्तार, जल परिवहन के नियमों और चार लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
कैबिनेट के फैसलों का शिक्षा विभाग के कर्मचारियों, किसानों, पशुपालकों, उद्योगों और प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है। आइए जानते हैं बैठक के प्रमुख फैसलों की पूरी जानकारी।
UP Cabinet Meeting 2026: मुख्य फैसले एक नजर में
| प्रमुख विषय | प्रस्तावित व्यवस्था |
|---|---|
| कैबिनेट बैठक | 27 अक्टूबर 2026 |
| मंजूर प्रस्ताव | 22 |
| शिक्षणेत्तर कर्मचारी | 48,062 कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा |
| बेसिक शिक्षा कर्मचारी | लगभग 1.22 लाख कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज का प्रस्ताव |
| पशुपालन | एक गाय पर ₹50,000 अनुदान का प्रावधान |
| पशु बीमा | 85% प्रीमियम सरकार और 15% पशुपालक |
| सैनिक स्कूल | मैनपुरी में विस्तार के लिए निःशुल्क जमीन |
| लिंक एक्सप्रेसवे | चार परियोजनाओं पर लगभग ₹17,542 करोड़ खर्च का अनुमान |
| हाईकोर्ट आवास | प्रयागराज में 845 आवास बनाने का प्रस्ताव |
| रोबोटिक्स पार्क | ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क |
1. शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा
उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसलों में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का प्रस्ताव शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन तथा सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ देने की मंजूरी दी गई है।
48,062 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
उपलब्ध विवरण के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों में कर्मचारियों का विवरण इस प्रकार है:
- अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय: 23,989 कर्मचारी
- वित्तविहीन विद्यालय: 22,541 कर्मचारी
- अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालय: लगभग 110 कर्मचारी
इस प्रकार कुल 48,062 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।
बताया गया है कि प्रत्येक कर्मचारी के बीमा प्रीमियम के लिए सरकार ₹3,000 का योगदान करेगी। इस पर लगभग ₹14.41 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। योजना के अंतर्गत कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को ₹5 लाख तक के उपचार की कैशलेस सुविधा दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
2. बेसिक शिक्षा विभाग के लगभग 1.22 लाख कर्मचारियों को लाभ
बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस फैसले से संबंधित विवरण में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, लिपिकों, वित्तविहीन संस्थानों के कर्मचारियों तथा जिला परियोजना से जुड़े कर्मियों को शामिल बताया गया है।
उपलब्ध समाचारों में लाभार्थियों की संख्या लगभग 1.22 लाख बताई गई है। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में कुल संख्या में थोड़ा अंतर है। इसलिए अंतिम लाभार्थी संख्या और पात्रता की पुष्टि संबंधित शासनादेश से की जानी चाहिए।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण: कैशलेस इलाज की सुविधा का वास्तविक लाभ लेने के लिए योजना की पात्रता, परिवार के सदस्यों की परिभाषा, अस्पतालों की सूची और लागू होने की तिथि संबंधी आधिकारिक दिशा-निर्देश देखना जरूरी होगा।
3. पशुपालकों को एक गाय पर ₹50,000 अनुदान
कैबिनेट बैठक में पशुपालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना के तहत एक गाय पर ₹50,000 तक अनुदान का प्रावधान बताया गया है।
पशुधन क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने, बेहतर नस्ल के पशुओं को प्रोत्साहित करने और दूध उत्पादन में वृद्धि करने पर जोर दिया गया है।
पशु बीमा के प्रीमियम में 85 प्रतिशत सरकार देगी
प्रस्ताव के अनुसार, पशु बीमा की कुल लागत का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार और शेष 15 प्रतिशत हिस्सा पशुपालक वहन करेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पशुओं की मृत्यु या अन्य बीमित जोखिमों से होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करना तथा पशुपालन को अधिक सुरक्षित व्यवसाय बनाना है।
ध्यान दें कि ₹50,000 अनुदान की पात्रता, लाभार्थियों की शर्तें, पशुओं की श्रेणी और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक योजना दिशा-निर्देश जारी होने पर ही करें।
4. कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर पर स्टांप ड्यूटी
कैबिनेट में कंपनियों के विलय यानी मर्जर और विभाजन यानी डी-मर्जर से संबंधित स्टांप ड्यूटी व्यवस्था को स्पष्ट करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के शेयर मूल्य पर 0.50 प्रतिशत स्टांप शुल्क का प्रावधान प्रस्तावित है। कुछ रिपोर्टों में संपत्ति शामिल होने की स्थिति में 2 प्रतिशत स्टांप शुल्क का भी उल्लेख किया गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कंपनियों के विलय और विभाजन के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया में स्पष्टता लाना तथा स्टांप शुल्क को लेकर होने वाली परेशानियों को कम करना है।
हालांकि, इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए आगे की विधायी और केंद्रीय मंजूरी संबंधी प्रक्रिया आवश्यक हो सकती है। इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से लागू नियम नहीं माना जाना चाहिए।
5. नावों और स्टीमर का पंजीकरण अनिवार्य करने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में जल परिवहन को व्यवस्थित करने के लिए अंतर्देशीय जलयान नियमावली को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यांत्रिक और गैर-यांत्रिक नावों तथा स्टीमर के पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों की क्षमता के आधार पर नावों का वर्गीकरण और शुल्क निर्धारित करने का भी प्रावधान बताया गया है।
यात्रियों और नाविकों का होगा बीमा
नई व्यवस्था में यात्रियों और नाविकों के बीमा का प्रावधान भी शामिल है। इसके अलावा नावों का रिकॉर्ड तैयार करने और उनके संचालन की निगरानी की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
गैर-यांत्रिक नावों के पंजीकरण के लिए ₹50 शुल्क निर्धारित किए जाने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है। हालांकि, संबंधित नियमों की प्रभावी तिथि और विस्तृत प्रक्रिया के लिए आधिकारिक अधिसूचना देखना जरूरी है।
6. प्रयागराज में हाईकोर्ट अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 आवास
कैबिनेट बैठक में प्रयागराज में उच्च न्यायालय के क्लास वन और क्लास टू अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दिए जाने की जानकारी है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, इन आवासों का निर्माण ईपीसी मोड पर कराया जाएगा। परियोजना पर लगभग ₹543 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
इस परियोजना का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
7. मैनपुरी सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए मुफ्त जमीन
प्रदेश सरकार द्वारा मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए निःशुल्क जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
स्कूल के विस्तार से संबंधित आधारभूत सुविधाओं को विकसित करने में सहायता मिल सकती है। जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और विस्तार की समयसीमा की जानकारी संबंधित विभाग के आगे के आदेशों से स्पष्ट होगी।
8. ग्रेटर नोएडा में बनेगा प्रगति रोबोटिक्स पार्क
कैबिनेट बैठक में ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दिए जाने की जानकारी है।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना के लिए सरकार की ओर से एक रुपये के लीज पर जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव शामिल है। इसका उद्देश्य रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक तकनीक से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन देना है।
इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर को तीन वर्ष के लिए सौंपने के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया गया है। इस पर लगभग ₹104 करोड़ खर्च होने की जानकारी दी गई है।
9. चार लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर सहमति
उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी सामने आई है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, इन परियोजनाओं पर लगभग ₹17,542 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। निर्माण कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन यानी ईपीसी मोड पर कराए जाने तथा लगभग तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है।
प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं:
- फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेज, जिनकी कुल लंबाई लगभग 90 किलोमीटर बताई गई है।
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे।
- झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेज, जिनकी कुल लंबाई लगभग 106 किलोमीटर बताई गई है।
- लगभग 74 किलोमीटर लंबा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे।
इन परियोजनाओं से विभिन्न क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क मजबूत होने और परिवहन सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। परियोजनाओं की अंतिम लागत, पैकेजवार विवरण और निर्माण समयसीमा की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों से की जानी चाहिए।
10. झांसी और ललितपुर में भंडारण क्षमता बढ़ेगी
सहकारिता विभाग से संबंधित प्रस्ताव में झांसी और ललितपुर में भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजना का भी उल्लेख है।
उपलब्ध समाचार विवरण के अनुसार, अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए जमीन की उपलब्धता से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे कृषि उपज के भंडारण और संबंधित सुविधाओं को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।
11. निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में निवेश और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में एकागो हॉस्पिटेलिटी के ₹654 करोड़ के निवेश प्रस्ताव का उल्लेख है। इसके अतिरिक्त, नोएडा और प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में कंपनियों से संबंधित निवेश प्रस्तावों तथा लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने की मंजूरी की जानकारी दी गई है।
इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना, आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों का विस्तार करना और रोजगार के अवसर पैदा करना है।
UP Cabinet Decision 2026: कर्मचारियों और आम जनता के लिए क्या है खास?
27 अक्टूबर 2026 की कैबिनेट बैठक से संबंधित उपलब्ध जानकारी में शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, पशुपालकों के लिए आर्थिक सहायता, जल परिवहन की सुरक्षा, सैनिक स्कूल का विस्तार और एक्सप्रेसवे निर्माण जैसे विषय प्रमुख हैं।
शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण फैसला कैशलेस चिकित्सा सुविधा से जुड़ा है। वहीं, किसानों और पशुपालकों के लिए पशु बीमा तथा अनुदान संबंधी प्रस्ताव उपयोगी हो सकते हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: यह लेख उपलब्ध समाचार विवरणों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी योजना में आवेदन करने, अनुदान प्राप्त करने या कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ लेने से पहले संबंधित विभाग का आधिकारिक शासनादेश, पात्रता और लागू होने की तिथि अवश्य जांचें।
