UP Census 2027: यूपी में जनगणना की तारीख घोषित, 16 नवंबर से स्व-गणना होगी शुरु

UP Census 2027 उत्तर प्रदेश में 16 नवंबर से स्व-गणना और 1 दिसंबर से घर-घर जनगणना

UP Census 2027 Latest News: उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ने उत्तर प्रदेश में जनसंख्या गणना का कार्यक्रम निर्धारित करते हुए 5 सितंबर 2026 को राजपत्र (Gazette Notification) जारी किया था। इस आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार उत्तर प्रदेश में जनगणना के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना (Population Enumeration) का कार्य 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। इससे पहले नागरिकों को 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प दिया जाएगा, जिसके माध्यम से वे ऑनलाइन पोर्टल पर अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों से संबंधित आवश्यक जानकारियां एकत्र करेंगे।

उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए यह जानकारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि 30 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 का एक और कार्यक्रम जारी किया है, लेकिन उसमें उत्तर प्रदेश को शामिल नहीं किया गया है। उत्तर प्रदेश सहित गोवा, पंजाब और उत्तराखंड के गैर-बर्फीले क्षेत्रों के लिए पहले से ही अलग कार्यक्रम निर्धारित किया जा चुका है। इसलिए यूपी में जनगणना की तारीख 25 जनवरी 2027 से नहीं, बल्कि 1 दिसंबर 2026 से ही शुरू होगी। इस संबंध में प्रयागराज जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जनगणना 2027 का कार्यक्रम और स्व-गणना की तारीखें प्रकाशित की गई हैं।

UP Census 2027: उत्तर प्रदेश में जनगणना की महत्वपूर्ण तारीखें

गृह मंत्रालय की 5 सितंबर 2026 की राजपत्र अधिसूचना संख्या S.O. 4729(E) के अनुसार उत्तर प्रदेश में जनसंख्या गणना के लिए पूरा कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस प्रक्रिया में सबसे पहले नागरिकों को 15 दिनों तक स्व-गणना का अवसर मिलेगा। इसके बाद जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना करेंगे और निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद पुनरीक्षण चरण के माध्यम से आवश्यक जांच एवं सुधार का कार्य पूरा किया जाएगा।

जनगणना कार्यक्रमनिर्धारित तारीख
स्व-गणना (Self Enumeration)16 नवंबर से 30 नवंबर 2026
घर-घर जनसंख्या गणना1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027
पुनरीक्षण चरण (Revisional Round)5 जनवरी से 9 जनवरी 2027
जनगणना की संदर्भ तिथि5 जनवरी 2027, रात 12 बजे

16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना, घर बैठे भर सकेंगे जानकारी

जनगणना 2027 में नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कराने की सुविधा भी दी जा रही है। उत्तर प्रदेश में यह सुविधा 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इस प्रक्रिया को Self Enumeration कहा जाता है। इसके माध्यम से परिवार का मुखिया या परिवार का कोई जिम्मेदार सदस्य निर्धारित सरकारी पोर्टल पर लॉगिन करके परिवार और घर से संबंधित आवश्यक जानकारी भर सकेगा। सफलतापूर्वक जानकारी जमा करने के बाद एक यूनिक Self Enumeration ID (SE ID) जारी होगी, जिसे बाद में घर पर आने वाले जनगणना कर्मचारी को उपलब्ध कराना होगा। इससे जनगणना की प्रक्रिया में सुविधा होगी और पहले से दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जा सकेगा। हालांकि, स्व-गणना एक अतिरिक्त सुविधा है, इसलिए नागरिकों को जनगणना कर्मचारियों के निर्धारित सत्यापन और अन्य आधिकारिक निर्देशों का भी पालन करना होगा।

स्व-गणना का आधिकारिक पोर्टल: https://se.census.gov.in/

1 दिसंबर से 4 जनवरी तक होगी घर-घर जनगणना

उत्तर प्रदेश में स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 दिसंबर 2026 से घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना शुरू होगी। यह अभियान 4 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान जनगणना कर्मचारी अपने निर्धारित क्षेत्र में जाकर प्रत्येक परिवार से आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। जनगणना के इस दूसरे चरण में केवल मकान या घर की स्थिति से संबंधित जानकारी ही नहीं, बल्कि परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शैक्षिक, प्रवास, प्रजनन और अन्य निर्धारित जानकारियां भी एकत्र की जाएंगी। इस बार जनगणना की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसमें कर्मचारी मोबाइल एप के माध्यम से जानकारी दर्ज करेंगे। जिन परिवारों ने स्व-गणना की सुविधा का उपयोग किया होगा, उन्हें अपनी Self Enumeration ID जनगणना कर्मचारी को उपलब्ध करानी होगी, ताकि संबंधित जानकारी का सत्यापन और प्रक्रिया पूरी की जा सके।

5 जनवरी से 9 जनवरी तक चलेगा पुनरीक्षण चरण

घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना का निर्धारित कार्यक्रम 4 जनवरी 2027 को समाप्त होने के बाद 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण चरण आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जनगणना से संबंधित निर्धारित जांच और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 की रात 12 बजे निर्धारित की है। इसका अर्थ है कि जनसंख्या से संबंधित आंकड़ों के निर्धारण में इसी तारीख और समय को आधार माना जाएगा। इस प्रकार उत्तर प्रदेश में स्व-गणना, घर-घर जनसंख्या गणना और पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी कराई जाएगी।

पहले चरण की जनगणना उत्तर प्रदेश में कब हुई थी?

जनगणना 2027 की प्रक्रिया दो प्रमुख चरणों में पूरी की जा रही है। पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing and Housing Census) से संबंधित था, जिसमें घरों की स्थिति, परिवार को उपलब्ध सुविधाओं और घरेलू संपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की गई। उत्तर प्रदेश में इस पहले चरण का कार्य 22 मई से 20 जून 2026 तक संचालित किया गया था। इससे पहले 7 मई से 21 मई 2026 तक पहले चरण के लिए भी स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया था। अब दूसरा चरण जनसंख्या गणना का है, जिसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित निर्धारित जानकारियां एकत्र की जाएंगी। इसलिए जिन लोगों ने पहले चरण में मकान और घरेलू सुविधाओं से संबंधित जानकारी दी थी, उन्हें दूसरे चरण में जनसंख्या से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी।

30 अक्टूबर के नए राजपत्र में उत्तर प्रदेश शामिल क्यों नहीं है?

केंद्र सरकार ने 30 अक्टूबर 2026 को जनगणना 2027 के लिए एक अन्य राजपत्र अधिसूचना S.O. 5913(E) जारी की है। इस अधिसूचना में अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए स्व-गणना 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तथा घर-घर जनसंख्या गणना 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक निर्धारित की गई है। लेकिन इस अधिसूचना में उत्तर प्रदेश, गोवा, पंजाब, उत्तराखंड, लद्दाख और कुछ बर्फ से प्रभावित क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से अलग रखा गया है। इसका कारण यह है कि इन क्षेत्रों के लिए पहले ही अलग कार्यक्रम जारी किया जा चुका है। इसलिए उत्तर प्रदेश के नागरिकों को 30 अक्टूबर वाले राजपत्र की तारीखों को अपना कार्यक्रम नहीं मानना चाहिए। यूपी में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना और 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जनसंख्या गणना का कार्यक्रम ही लागू होगा।

UP Census 2027 Official Gazette: कहां देखें सरकारी आदेश?

उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 का कार्यक्रम भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक राजपत्र पर आधारित है। यह अधिसूचना 5 सितंबर 2026 को प्रकाशित की गई थी, जिसकी संख्या S.O. 4729(E) है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जनगणना 2027 के दूसरे चरण का कार्यक्रम, स्व-गणना की तारीखें और संबंधित दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं। नागरिक नीचे दिए गए आधिकारिक लिंक के माध्यम से पूरी जानकारी देख सकते हैं।

महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक:

  • उत्तर प्रदेश जनगणना 2027: https://prayagraj.nic.in/census27/
  • स्व-गणना पोर्टल: https://se.census.gov.in/
  • भारत सरकार की जनगणना वेबसाइट: https://censusindia.gov.in/
  • 5 सितंबर 2026 का आधिकारिक राजपत्र: https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/47171

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के दूसरे चरण का कार्यक्रम आधिकारिक रूप से निर्धारित किया जा चुका है। राज्य में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प मिलेगा, जबकि 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना करेंगे। इसके बाद 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण चरण पूरा कराया जाएगा। इसलिए उत्तर प्रदेश के नागरिकों को जनगणना की तैयारी करते समय अपने राज्य के लिए जारी 5 सितंबर 2026 के राजपत्र को ही आधार मानना चाहिए। विशेष रूप से प्रयागराज सहित पूरे उत्तर प्रदेश में 30 अक्टूबर वाले देश के अन्य राज्यों के कार्यक्रम की तारीखें लागू नहीं होंगी।

सीधा आधिकारिक गजट डाउनलोड करें

स्रोत: गृह मंत्रालय, भारत सरकार की राजपत्र अधिसूचना S.O. 4729(E), दिनांक 5 सितंबर 2026

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