NIOS B.Ed Bridge Course: सेवारत प्राथमिक शिक्षकों हेतु 6-मासीय ब्रिज कोर्स की पूरी जानकारी

NIOS सेवारत प्राथमिक शिक्षक 6-मासीय बी.एड. ब्रिज कोर्स प्रायोगिक कार्य और पाठ्यक्रम विवरण

​NCTE पाठ्यचर्या व NIOS दिशानिर्देशों पर आधारित व्यापक मार्गदर्शिका एवं प्रायोगिक कार्य (Practicum) विवरण

​प्रस्तावना एवं पृष्ठभूमि

​सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बी.एड. (B.Ed.) योग्यताधारी शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) द्वारा 6 महीने का विशेष प्रमाण-पत्र (ब्रिज) कोर्स संचालित किया जा रहा है।

​बी.एड. का सामान्य प्रशिक्षण माध्यमिक एवं उच्चतर कक्षाओं के शिक्षण पर केंद्रित होता है। अतः इस ब्रिज कोर्स का प्राथमिक ध्येय प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के बालकों के मनोवैज्ञानिक विकास, खेल-आधारित बाल-केंद्रित शिक्षण, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020), NCF-FS 2022 एवं NCF-SE 2023 के अनुरूप शिक्षाशास्त्रीय कौशलों को संवर्धित करना है।

​पाठ्यक्रम संरचना एवं क्रेडिट योजना (Credit & Assessment Structure)

​इस 6-मासीय कार्यक्रम में कुल 20 क्रेडिट (500 अंक) निर्धारित हैं:

  • ​आंतरिक मूल्यांकन (असाइनमेंट/प्रोजेक्ट): 250 अंक (10 क्रेडिट)
  • ​बाह्य लिखित परीक्षा: 250 अंक (10 क्रेडिट)
  • ​स्कूल अनुभव कार्यक्रम (School Experience): कम से कम 20 शिक्षण दिवस एवं 10 ऑनलाइन संपर्क कक्षाएँ।
कोर्स विवरण आंतरिक अंक (क्रेडिट) बाह्य परीक्षा (क्रेडिट) कुल अंक (क्रेडिट)
Course 1: बाल विकास और शैक्षिक मनोविज्ञान 25 (1) 75 (3) 100 (4)
Course 2: पाठ्यचर्या, शिक्षाशास्त्र और मूल्यांकन 25 (1) 75 (3) 100 (4)
Course 3: भाषा का शिक्षाशास्त्र – 1 (हिंदी / क्षेत्रीय भाषा) 25 (1) 25 (1) 50 (2)
Course 4: Pedagogy of Language – II (English) 25 (1) 25 (1) 50 (2)
Course 5: गणित का शिक्षाशास्त्र (Pedagogy of Mathematics) 25 (1) 25 (1) 50 (2)
Course 6: हमारे आस-पास की दुनिया का शिक्षाशास्त्र 25 (1) 25 (1) 50 (2)

विषयवार आंतरिक प्रायोगिक कार्य

  • ​नियम: दिए गए 7 कार्यों में से किन्हीं दो (2) कार्यों का चयन कर फाइल/रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य है।
  • ​उद्देश्य: प्राथमिक स्तर के बच्चों की विकासात्मक अवस्थाओं, सामाजिक-आर्थिक विविधता और उनकी सीखने की व्यक्तिगत गति को समझना।
  1. ​कार्य 1 (विविध पृष्ठभूमि के बच्चों का अध्ययन): विभिन्न सामाजिक-आर्थिक स्थिति वाले बच्चों के साथ दिन बिताकर शारीरिक, संवेगात्मक, सामाजिक, भाषाई व सांस्कृतिक कारकों के प्रभाव पर केस रिपोर्ट तैयार करना।
  2. कार्य 2 (लर्निंग डिफिकल्टीज व केस स्टडी): कक्षा में सीखने की कठिनाइयों का सामना कर रहे बच्चों की पहचान करना, कारणों का विश्लेषण करना और उनके लिए व्यक्तिगत हस्तक्षेप योजना (PIP – Personalized Intervention Plan) तैयार करना।
  3. कार्य 3 (पेरेंटिंग शैलियों का साक्षात्कार): 4 से 5 अलग-अलग सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों के अभिभावकों से बाल-पालन (Child Rearing Practices) और पेरेंटिंग शैलियों पर साक्षात्कार लेना।
  4. कार्य 4 (अखबारों के लेखों का विश्लेषण): बाल-विकास और पेरेंटिंग से संबंधित कम से कम 10 समकालीन समाचार लेखों का संकलन व आलोचनात्मक विश्लेषण।
  5. कार्य 5 (पंचकोशीय विकास गतिविधि): भारतीय परिप्रेक्ष्य में तैत्तिरीयोपनिषद् आधारित ‘पंचकोशीय विकास’ (अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय कोश) को कक्षा में लागू करने हेतु एक विस्तृत गतिविधि का डिज़ाइन।
  6. कार्य 6 (खेल के दौरान बाल अवलोकन): खेल के समय बच्चों के आपसी सहयोग, भावनाओं की अभिव्यक्ति, जीत/हार पर प्रतिक्रिया और विवाद सुलझाने (Conflict Resolution) के व्यवहार का व्यवस्थित अवलोकन।
  7. कार्य 7 (चिंतनशील निबंध – Reflective Essay): सामाजिकरण में सांस्कृतिक विविधता कक्षा शिक्षण और अधिगम को किस प्रकार प्रभावित करती है, इस पर एक आलोचनात्मक चिंतनशील निबंध।
  • ​नियम: दिए गए 7 कार्यों में से किन्हीं दो (2) कार्यों की रिपोर्ट तैयार करनी है।
  • ​उद्देश्य: NCF-FS और NCF-SE के आलोक में समग्र विकास और 360-डिग्री होलिस्टिक असेसमेंट को समझना।
  1. ​कार्य 1 (NEP 2020 विश्लेषण): बुनियादी (Foundational – आयु 3-8 वर्ष) और प्रारंभिक (Preparatory – आयु 8-11 वर्ष) चरणों के लिए NEP 2020 की प्रमुख सिफारिशों का गहन विश्लेषण।
  2. कार्य 2 (नवाचारी स्कूल भ्रमण): अपने क्षेत्र के किसी वैकल्पिक/नवाचारी विद्यालय (Innovative School) का भ्रमण कर उनकी पाठ्यचर्या संपादन प्रक्रिया पर रिपोर्ट तैयार करना।
  3. कार्य 3 (भारतीय ज्ञान प्रणाली – IKS): प्राथमिक स्तर के पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge Systems) के एकीकरण की संभावनाओं और महत्व पर निबंध।
  4. कार्य 4 (FLN एवं पाठ्यचर्या लक्ष्य तुलना): बुनियादी और प्रारंभिक स्तर के पाठ्यचर्या लक्ष्यों (Curricular Goals) की तुलना तथा बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN) के महत्व पर विमर्श।
  5. कार्य 5 (दक्षता आधारित शिक्षण रूपरेखा): किसी भी विषय का एक पाठ्यचर्या लक्ष्य चुनकर उससे जुड़ी दो दक्षताओं के लिए सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes) और कक्षा गतिविधियाँ तैयार करना।
  6. कार्य 6 (अभिभावक अपेक्षा साक्षात्कार): 5 अभिभावकों से साक्षात्कार कर यह समझना कि वे आधुनिक स्कूली शिक्षा और अपनी भूमिका से क्या अपेक्षा रखते हैं।
  7. कार्य 7 (PARAKH हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड): ‘परख’ (PARAKH) के मूल्यांकन कार्ड प्रारूप को डाउनलोड कर अपनी कक्षा के 3 विद्यार्थियों के कार्ड भरना तथा अपनाई गई रणनीतियों और चुनौतियों का विवरण देना।
  • ​नियम: कार्य दो खंडों में विभाजित हैं। प्रत्येक खंड से एक-एक (कुल 2) कार्य करना अनिवार्य है।

  1. ​कार्य 1 (NCF-FS 2022 समीक्षा): बुनियादी स्तर की राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2022 में उल्लिखित मातृभाषा/प्रथम भाषा शिक्षण के मूल सिद्धांतों की समीक्षा।
  2. ​कार्य 2 (बुनियादी पाठ्यपुस्तक विश्लेषण): कक्षा 1 या 2 की हिंदी/क्षेत्रीय भाषा की पाठ्यपुस्तक (जैसे NCERT की सारंगी) का सीखने के प्रतिफलों के आधार पर विश्लेषण।
  3. कार्य 3 (प्रारंभिक पाठ्यपुस्तक विश्लेषण): कक्षा 3 से 5 की भाषा पाठ्यपुस्तक (जैसे NCERT की वीणा) का भाषा संवर्धन के दृष्टिकोण से आलोचनात्मक परीक्षण।

  1. ​कार्य 1 (चार ब्लॉक मॉडल – Four Block Model): भाषा शिक्षण के ‘फोर-ब्लॉक मॉडल’ (मौखिक भाषा विकास, ध्वनि चेतना/डिकोडिंग, पठन बोध, और लेखन) की अवधारणा को समझाते हुए किसी एक घटक पर कक्षा शिक्षण योजना।
  2. कार्य 2 (बाल साहित्य का उपयोग): प्राथमिक बच्चों के साथ बाल-साहित्य की किसी पुस्तक (कहानी/कविता) का उपयोग कर पाठ योजना बनाना और बच्चों के अनुभवों को दर्ज करना।
  3. कार्य 3 (कम लागत TLM निर्माण): भाषा शिक्षण हेतु शून्य या कम निवेश वाली सहायक शिक्षण सामग्री (Low-Cost TLM) बनाना और कक्षा में उसके उपयोग का परिणाम दर्ज करना।
  4. कार्य 4 (मौखिक भाषा आकलन रणनीतियाँ): बुनियादी स्तर पर मौखिक अभिव्यक्ति के सतत आकलन हेतु 5 प्रभावी तकनीकों का कक्षा में प्रयोग और विश्लेषणात्मक आख्या।
  • ​नियम: Section A से एक तथा Section B से एक (कुल 2) कार्य करना अनिवार्य है।

  1. ​Task 1 (NCF Policy Framework Review): NCF-FS 2022 और NCF-SE 2023 में द्वितीय/तृतीय भाषा (L-II/L-III) के रूप में अंग्रेज़ी शिक्षण के लिए दी गई अनुशंसाओं का अध्ययन।
  2. Task 2 (Textbook Critical Analysis): प्राथमिक स्तर की NCERT (उदा. Mridang / Marigold) अथवा राज्य बोर्ड पाठ्यपुस्तक का समावेशन, जेंडर रूढ़िवादिता और भाषा उपयुक्तता के आधार पर मूल्यांकन।
  3. Task 3 (Digital Learning Review): दीक्षा (DIKSHA) पोर्टल पर उपलब्ध अंग्रेज़ी शिक्षण से जुड़े किसी वीडियो कार्यक्रम का समालोचनात्मक विश्लेषण।

  1. ​Task 1 (Four-Block Unit Plan): बुनियादी या प्रारंभिक स्तर हेतु अंग्रेज़ी भाषा के फोर-ब्लॉक मॉडल पर आधारित 7 से 10 दिवसीय यूनिट प्लान तैयार करना।
  2. Task 2 (Multilingual Classroom Challenges): बहुभाषी भारतीय कक्षा में अंग्रेज़ी सिखाने की व्यावहारिक कठिनाइयों का विश्लेषण और समाधानकारी रणनीतियाँ प्रस्तुत करना।
  3. Task 3 (Oral Language Assessment): बुनियादी स्तर पर बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति (Speaking/Listening) के आकलन के लिए 5 रणनीतियों का कक्षा में प्रयोग।
  4. Task 4 (Skill-building Worksheets): बुनियादी स्तर के विद्यार्थियों के पठन एवं लेखन कौशल संवर्धन हेतु कम से कम 5 क्रमबद्ध वर्कशीट का सेट तैयार करना।
  5. Task 5 (Error Analysis in Writing): बच्चों के लिखित कार्य (नोटबुक/वर्कशीट) का सूक्ष्म विश्लेषण, उनकी सामान्य व्याकरणिक/वर्तनीगत त्रुटियों का वर्गीकरण और सुधारात्मक सुझाव।
  • ​नियम: Section A से एक तथा Section B से एक (कुल 2) कार्य करना अनिवार्य है।

  1. ​Task 1 (गणित पाठ्यपुस्तक विश्लेषण): NCERT (उदा. आनंदमय गणित / Joyful Mathematics) अथवा राज्य बोर्ड पुस्तक का चित्रों, दैनिक जीवन से जुड़ाव और संकल्पनात्मक स्पष्टता के आधार पर विश्लेषण।
  2. Task 2 (DIKSHA संसाधन विश्लेषण): दीक्षा पोर्टल पर प्राथमिक गणित शिक्षण से संबंधित किसी डिजिटल पाठ/वीडियो की प्रभावशीलता का विश्लेषण।
  3. Task 3 (NCF गणितीय अनुशंसाएँ): NCF-FS 2022 और NCF-SE 2023 के अंतर्गत प्राथमिक कक्षाओं में गणितीय सोच (Mathematical Thinking) के विकास पर रिपोर्ट।

  1. ​Task 1 (चार ब्लॉक उपागम इकाई योजना): गणित के 4-ब्लॉक उपागम पर आधारित 7 से 10 दिनों की विस्तृत इकाई योजना (Unit Plan) बनाना।
  2. Task 2 (गणित TLM व नियमावली): गणित की अवधारणाओं को स्पष्ट करने हेतु 2 ठोस शिक्षण सामग्रियाँ (TLM) तैयार करना एवं उनके उपयोग का ‘टीचर्स मैन्युअल’ लिखना।
  3. Task 3 (FLN संख्या ज्ञान वर्कशीट फ़ोल्डर): बुनियादी संख्या ज्ञान (गिनती, स्थानीय मान, संक्रियाएँ) को पुष्ट करने वाली 5 आकर्षक वर्कशीट का फ़ोल्डर।
  4. Task 4 (गणितीय त्रुटि विश्लेषण): बच्चों द्वारा जोड़, घटाव या स्थानीय मान में की जाने वाली संकल्पनात्मक भ्रांतियों (Misconceptions) का विश्लेषण और उपचारात्मक शिक्षण।
  5. Task 5 (जादुई पिटारा / ICT का उपयोग): शिक्षा मंत्रालय के ‘जादुई पिटारा’ (Jaadui Pitara / e-Jaadui Pitara) अथवा डिजिटल टूल्स का उपयोग कर गणित शिक्षण पर अनुभव रिपोर्ट।
  6. Task 6 (इकाई परीक्षण – Unit Test): स्थानीय मान या मूलभूत संक्रियाओं पर आधारित निदानात्मक परीक्षण (Unit Test) तैयार करना, कक्षा में लेना और रिपोर्ट तैयार करना।
  • ​नियम: Section A से एक तथा Section B से एक (कुल 2) कार्य करना अनिवार्य है।
  • ​उद्देश्य: प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण, विज्ञान और सामाजिक सरोकारों को अंतःविषयी (Interdisciplinary) दृष्टिकोण से बच्चों के परिवेश से जोड़ना।

  1. ​Task 1 (EVS पाठ्यपुस्तक विश्लेषण): NCERT की नवीनतम पुस्तक (Our Wondrous World) अथवा राज्य बोर्ड की EVS पुस्तक का समावेशन, भाषा और स्थानीय संदर्भों के आधार पर परीक्षण।
  2. Task 2 (NCF पाठ्यचर्या संस्तुतियाँ): प्रारंभिक स्तर पर ‘The World Around Us’ के अंतर्गत वैज्ञानिक सोच और पर्यावरणीय संवेदनशीलता के विकास पर रिपोर्ट।
  3. Task 3 (एकीकृत इकाई योजना): कक्षा 1 या 2 के लिए परिवेशीय अध्ययन का ऐसा यूनिट प्लान जिसमें कला, खेल, भाषा और गणित का सहज समन्वय हो।
  4. Task 4 (DIKSHA वीडियो समीक्षा): दीक्षा पोर्टल के पर्यावरण/परिवेश शिक्षण वीडियो का शैक्षणिक दृष्टि से विश्लेषण।

  1. ​Task 1 (वैकल्पिक अवधारणाओं की पड़ताल): बच्चों के मन में प्रकृति या परिवेश को लेकर बनी सहज भ्रांतियों (Alternate Conceptions) की चित्रकला, बातचीत या प्रश्नावली के ज़रिए पड़ताल।
  2. Task 2 (शैक्षिक क्षेत्र भ्रमण – Field Trip): डाकघर, पार्क, स्थानीय बाज़ार, संग्रहालय आदि का शैक्षिक भ्रमण आयोजित करना और बहुविषयक सीखने के प्रतिफल दर्ज करना।
  3. Task 3 (PARAKH अनुरूप 5 वर्कशीट्स): ‘परख’ दिशा-निर्देशों के अनुसार बच्चों के प्रेक्षण और जिज्ञासा का आकलन करने वाली 5 वर्कशीट्स का निर्माण।
  4. Task 4 (जादुई पिटारा गतिविधि रिपोर्ट): ‘जादुई पिटारा’ के खिलौनों व पहेलियों का उपयोग कर परिवेशीय समझ विकसित करने संबंधी रिपोर्ट।
  5. Task 5 (EVS किट / बोर्ड गेम निर्माण): बच्चों के परिवेशीय कौशल (वर्गीकरण, अवलोकन, अनुमान) को निखारने हेतु एक नया बोर्ड गेम या EVS किट बनाना और उसका उपयोगकर्ता मैन्युअल लिखना।

शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव (फाइल तैयार करते समय ध्यान दें):

  1. ​प्रायोगिक दृष्टिकोण: सभी रिपोर्ट केवल सैद्धांतिक न हों; उनमें अपनी प्राथमिक कक्षा के वास्तविक बच्चों के उदाहरण, उनके नाम, बातचीत के अंश और बच्चों द्वारा बनाई गई ड्रॉइंग/वर्कशीट की मूल प्रतियों को संलग्न करें।
  2. ​होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC): ‘PARAKH’ आधारित कार्यों में बच्चे के स्व-मूल्यांकन (Self), सहपाठी मूल्यांकन (Peer) और शिक्षक टिप्पणी को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
  3. समय-सीमा: असाइनमेंट और स्कूल आधारित गतिविधियों (SBA) के अभिलेख अपने मेंटॉर/प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर एवं विद्यालय की मुहर के साथ समय पर जमा कराएँ।

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