Special Campaign 6.0: सभी विद्यालयों में 28 अक्टूबर को मनाया जाएगा ‘ई-कचरा प्रबंधन दिवस, देखें दिशानिर्देश

Special Campaign 6.0: सभी विद्यालयों में 28 अक्टूबर को मनाया जाएगा ‘ई-कचरा प्रबंधन दिवस, देखें दिशानिर्देश

उत्तर प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित समस्त विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में, उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशालय ने राज्य के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को ‘विशेष अभियान-6.0’ (Special Campaign 6.0) के अंतर्गत ई-कचरा प्रबंधन (E-Waste Management) विषय पर सघन अभियान चलाने का आदेश जारी किया है।

​इस अभियान के तहत 28 अक्टूबर 2026 को प्रदेश भर के विद्यालयों में ‘एक दिवसीय विशेष गतिविधि’ आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही, पूरे अक्टूबर माह में विद्यालयों और घरों से अनुपयोगी ई-कचरे को सुरक्षित रूप से संकलित करने का सघन अभियान चलाया जा रहा है।

इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

पूरे अक्टूबर माह में चलेगा संकलन अभियान

​महानिदेशक, स्कूल शिक्षा द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, ई-कचरा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियाँ केवल 28 अक्टूबर तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरा कार्यक्रम 01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक निरंतर संचालित किया जा रहा है।

  • ​घरों व स्कूलों से कचरा एकत्रीकरण: विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय को प्रेरित कर घरों तथा स्कूलों में पड़े अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (जैसे पुराने मोबाइल, चार्जर, केबल, खराब कंप्यूटर पार्ट्स आदि) को विद्यालय के ‘ई-कचरा संग्रहण कोने’ (E-Waste Collection Corner) में सुरक्षित रूप से एकत्रित किया जा रहा है।
  • अधिकृत एजेंसियों को सौंपना: अक्टूबर माह में एकत्रित किए गए संपूर्ण ई-कचरे को 28 अक्टूबर 2026 को समेकित (Consolidate) कर केंद्रीय या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB/SPCB) में पंजीकृत व अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं (Authorised Recyclers) अथवा रीफर्बिशर्स को सौंपा जाएगा।

28 अक्टूबर को विद्यालयों में मुख्य कार्यक्रम

  1. ​विशेष प्रातःकालीन सभा (Morning Assembly):
    • ​विद्यालय की प्रार्थना सभा का मुख्य विषय अनिवार्य रूप से ‘E-Waste Management’ रहेगा।
    • ​प्रार्थना सभा के दौरान शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को ई-कचरे की पहचान, स्रोत पर पृथक्करण (Segregation at Source), सुरक्षित एकत्रीकरण, री-यूज और रीसाइक्लिंग के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
  2. ई-कचरा विषयक विशेष प्रश्नोत्तरी (Quiz Competition):
    • विद्यार्थियों की समझ को परखने और बढ़ाने के लिए प्रार्थना सभा में प्रश्नोत्तरी आयोजित की जाएगी।
    • इसमें ई-कचरे के प्रकार, पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव (जैसे लेड, मरकरी, कैडमियम का खतरा), मिशन लाइफ (Mission LiFE) और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे।
  3. सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री का व्यापक प्रदर्शन:
    • विद्यालयों में ‘Special Campaign 6’ के आधिकारिक बैनर, स्टैंडी और पोस्टरों को प्रार्थना सभा के बैकड्रॉप, नोटिस बोर्ड, स्मार्ट क्लासरूम की डिजिटल स्क्रीन और सोशल मीडिया पर प्रदर्शित किया जाएगा।

​स्कूलों में अनिवार्य हुए 4 रंग के डस्टबिन

आदेश के तहत स्कूलों को ‘मिशन लाइफ’ (Eco Clubs for Mission LiFE) के अंतर्गत 4 अलग-अलग रंगों के कूड़ेदान (Bins) की व्यवस्था करने और विद्यार्थियों को उनके उपयोग का व्यावहारिक अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए हैं:

  • नीला डस्टबिन (Blue Bin): सूखा कचरा (कागज, प्लास्टिक, कांच, रबर, गत्ता आदि)।
  • लाल डस्टबिन (Red Bin): सैनिटरी कचरा (सुरक्षित रूप से लपेटे गए नैपकिन व डायपर)।
  • काला डस्टबिन (Black Bin): विशेष देखभाल वाला कचरा व ई-कचरा (पुराने गैजेट्स, बैटरियां, एक्सपायर्ड दवाइयां, पेंट आदि)।

‘जीरो डिस्मेंलिंग’ नियम का कड़ाई से होगा पालन

​छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शासन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिसका पालन सभी स्कूलों को करना होगा:

  • ​कोई उपकरण नहीं खोला जाएगा (Zero Dismantling Rule): छात्र या शिक्षक किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को खोलेंगे, तोड़ेंगे या उसके पुर्जे अलग नहीं करेंगे।
  • खतरनाक वस्तुओं पर रोक: क्षतिग्रस्त लिथियम-आयन बैटरी, लीक हो रहे सेल और टूटी हुई CRT स्क्रीन जैसी खतरनाक सामग्री को बच्चों के हाथों से नहीं छुआया जाएगा।
  • कबाड़ी को देने पर पूर्ण प्रतिबंध: स्कूलों द्वारा संकलित ई-कचरे को किसी भी असंगठित कबाड़ी या अनधिकृत व्यक्ति को बेचने या सौंपने पर सख्त रोक है। कचरा केवल CPCB/SPCB अधिकृत रीसाइक्लर को ही दिया जाएगा, जो बदले में आधिकारिक रसीद व प्रमाण पत्र जारी करेंगे।

प्रशासनिक व्यवस्था एवं मॉनिटरिंग

  • ​नोडल अधिकारी: ब्लॉक स्तर पर विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को नोडल नामित किया गया है, जो अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं से समन्वय सुनिश्चित कराएंगे। जनपद स्तर पर संपूर्ण उत्तरदायित्व डीआईओएस (DIOS) और बीएसए (BSA) का होगा।
  • शिक्षकों का अभिमुखीकरण: इस आयोजन की पूर्व तैयारी के लिए 25 अक्टूबर 2026 से पूर्व जिला स्तर पर शिक्षकों के लिए विशेष यूट्यूब सत्र (YouTube Session) आयोजित किया जाएगा।

ई-कचरे पर प्रश्नोत्तरी आयोजित करने के निर्देश

विद्यालयों में ई-कचरा प्रबंधन के प्रति विद्यार्थियों की समझ बढ़ाने के लिए प्रश्नोत्तरी गतिविधि आयोजित करने पर जोर दिया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को ई-कचरे की पहचान, सुरक्षित संग्रहण, पुनः उपयोग और अधिकृत पुनर्चक्रण की जानकारी दी जा सकती है।

विद्यालयों को पोर्टल पर यह भी दर्ज करना होगा कि 28 अक्टूबर को प्रातःकालीन सभा में ई-कचरे से संबंधित प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई थी या नहीं।

ई-कचरे का सुरक्षित संग्रहण और निस्तारण

ई-कचरे का निस्तारण जिम्मेदारी से करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे के साथ मिलाने या खुले में फेंकने के बजाय सुरक्षित तरीके से अलग रखना चाहिए।

एकत्रित ई-कचरे को अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ता (Authorised Recycler) अथवा रीफर्बिशर (Refurbisher) को सौंपने की प्रक्रिया पर ध्यान देना जरूरी है। विद्यालयों को पोर्टल पर यह जानकारी भी देनी होगी कि एकत्रित ई-कचरा अधिकृत एजेंसी को सौंपा गया है या नहीं।

सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानी: विद्यार्थी या शिक्षक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खोलकर उनके पुर्जे अलग न करें। क्षतिग्रस्त बैटरी, रिसाव वाले सेल और टूटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिना उचित सुरक्षा के न छुएं।

Eco Clubs पोर्टल पर अपलोड करनी होगी जानकारी

28 अक्टूबर 2026 को विद्यालयों को शिक्षा मंत्रालय के Eco Clubs पोर्टल पर निर्धारित विवरण अपलोड करना होगा। इसके लिए विद्यालय की UDISE ID का उपयोग किया जाएगा।

पोर्टल पर निम्नलिखित जानकारी दर्ज करनी होगी:

  1. क्या प्रातःकालीन सभा में ई-कचरे पर प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई? — Yes/No
  2. क्या एकत्रित ई-कचरा अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ता या रीफर्बिशर को सौंपा गया? — Yes/No
  3. गतिविधि में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या।
  4. अभियान से संबंधित 2 से 3 जियो-टैग्ड तस्वीरें।

तस्वीरों में Special Campaign 6 का बैनर पृष्ठभूमि में स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। इसलिए विद्यालयों को गतिविधि के दौरान तस्वीरें लेते समय इस निर्देश का ध्यान रखना होगा।

पोर्टल का आधिकारिक लिंक: https://ecoclubs.education.gov.in

Mission LiFE से जुड़ा है अभियान

ई-कचरा प्रबंधन की यह पहल Mission LiFE यानी Lifestyle for Environment की भावना से जुड़ी है। इसका उद्देश्य लोगों को ऐसे व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है, जिनसे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो और पर्यावरण पर पड़ने वाला अनावश्यक दबाव कम किया जा सके।

पुराने उपकरणों का जिम्मेदारी से निस्तारण, उपयोगी वस्तुओं की मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान का सोच-समझकर उपयोग और संसाधनों की बर्बादी रोकना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।विद्यालयों के माध्यम से इन आदतों को बच्चों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जा सकता है। विद्यार्थी जब स्वयं सही तरीके से ई-कचरा प्रबंधन सीखेंगे, तो वे अपने परिवार और समाज में भी इसका संदेश पहुंचा सकेंगे।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

ई-कचरे का जिम्मेदारी से प्रबंधन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और प्रदूषण कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कूड़े में फेंकने के बजाय उचित माध्यम से निस्तारित करने से उपयोगी सामग्रियों के पुनर्चक्रण में मदद मिल सकती है।

Special Campaign 6.0 के तहत आयोजित यह गतिविधि विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ई-कचरे के सुरक्षित प्रबंधन की आदत विकसित करने का अवसर है।

विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण सूचना: 28 अक्टूबर 2026 को निर्धारित गतिविधि आयोजित करने के साथ ही Eco Clubs पोर्टल पर प्रश्नोत्तरी, ई-कचरे के निस्तारण, विद्यार्थियों की संख्या और जियो-टैग्ड तस्वीरों से संबंधित विवरण अपलोड करना न भूलें।

स्रोत: शिक्षा मंत्रालय के Eco Clubs पोर्टल तथा उपलब्ध शासकीय निर्देश-पत्र के आधार पर।

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