Supportive Supervision और निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक ये 7 फोटो और सूचनाएं रखें तैयार

उत्तर प्रदेश। परिषदीय विद्यालयों में Supportive Supervision (सहयोगात्मक पर्यवेक्षण) एवं निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की प्रगति और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विभिन्न जानकारियां मांगी जा रही हैं। इसको देखते हुए समस्त प्रधानाध्यापकों को विद्यालय में आवश्यक फोटो, अभिलेख और आंकड़े पहले से अपडेट रखने की सलाह दी गई है।
निरीक्षण के दौरान केवल विद्यालय की भौतिक व्यवस्थाओं ही नहीं, बल्कि कक्षा शिक्षण, बच्चों के सीखने की गतिविधियों, शिक्षक द्वारा तैयार शिक्षण सामग्री और बालवाटिका की सुविधाओं से संबंधित साक्ष्य भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए प्रधानाध्यापकों को निम्नलिखित बिंदुओं के अनुसार तैयारी रखने की आवश्यकता है।
1. Supportive Supervision के लिए इन 7 गतिविधियों के फोटो रखें तैयार
Supportive Supervision/Inspection के दौरान निम्नलिखित गतिविधियों से संबंधित फोटो अपलोड किए जा रहे हैं। विद्यालय में इनकी फोटो उपलब्ध रखें—
- निपुण लक्ष्य पोस्टर: विद्यालय में A2 साइज में लगाए गए निपुण लक्ष्य पोस्टर की स्पष्ट फोटो।
- समय सारिणी: विद्यालय में प्रदर्शित समय सारिणी की फोटो।
- खेल गतिविधियां: बच्चों के खेलते समय की फोटो।
- विद्यार्थी की कार्यपुस्तिका: पिछले सप्ताह के कार्य से संबंधित किसी एक विद्यार्थी की कार्यपुस्तिका की फोटो, जिसमें शिक्षक द्वारा जांच और फीडबैक दिया गया हो।
- लेखन कार्य: बच्चों द्वारा किए जा रहे लेखन कार्य की फोटो।
- शिक्षक निर्मित TLM: शिक्षक द्वारा तैयार की गई शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) की फोटो।
- बालवाटिका की व्यवस्थाएं: बालवाटिका में लर्निंग कॉर्नर एवं अवस्थापना सुविधाओं की फोटो, जैसे आउटडोर प्ले सामग्री, चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर, फोम मैट, बाल मैत्री हैंडवाश यूनिट और शौचालय।
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2. विद्यालय से संबंधित ये महत्वपूर्ण सूचनाएं भी रखें तैयार
फोटो के अतिरिक्त विद्यालय के नामांकन, उपस्थिति, योजनाओं और शैक्षिक गतिविधियों से संबंधित निम्नलिखित सूचनाएं भी अपडेट रखें—
- विद्यालय में कुल नामांकित विद्यार्थियों की संख्या एवं वर्तमान उपस्थिति।
- कितने विद्यार्थियों को DBT की धनराशि प्राप्त नहीं हुई है।
- क्या विद्यार्थियों का HPC (Holistic Progress Card) भरा जा रहा है?
- विद्यालय में आउट ऑफ स्कूल बच्चों की संख्या।
- विद्यालय के पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों की कुल संख्या।
- कितने शिक्षकों ने अपना नवाचार UDGAM पोर्टल पर अपलोड किया है?
- U-DISE (यू-डायस) पर दर्ज शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की संख्या का वास्तविक संख्या से कोई अंतर तो नहीं है।
- 19 बिंदु कायाकल्प के अंतर्गत कौन-कौन से कार्य अभी पूर्ण नहीं हुए हैं?
3. को-लोकेटेड आंगनबाड़ी से संबंधित सूचनाएं
जिन विद्यालयों में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी संचालित है, वहां आंगनबाड़ी से संबंधित निम्नलिखित जानकारियां भी तैयार रखें—
- 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का कुल नामांकन एवं उपस्थिति।
- 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का नामांकन एवं उपस्थिति।
- आंगनबाड़ी में उपलब्ध शैक्षिक सामग्री एवं अवस्थापना सुविधाओं की जानकारी।
4. निरीक्षण से पहले प्रधानाध्यापक इन बातों पर दें ध्यान
निरीक्षण के समय आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने में परेशानी न हो, इसके लिए प्रधानाध्यापक विद्यालय के अभिलेखों और वास्तविक स्थिति का मिलान पहले ही कर लें।
- सभी आवश्यक फोटो स्पष्ट एवं संबंधित गतिविधियों की हों।
- नामांकन और उपस्थिति के आंकड़े अद्यतन हों।
- DBT से वंचित विद्यार्थियों की सही संख्या उपलब्ध हो।
- HPC और UDGAM पोर्टल से संबंधित जानकारी तैयार हो।
- U-DISE में दर्ज आंकड़ों का वास्तविक नामांकन से मिलान कर लें।
- कायाकल्प के 19 बिंदुओं में पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों की स्थिति स्पष्ट रखें।
- बालवाटिका एवं को-लोकेटेड आंगनबाड़ी की सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध रखें।
निष्कर्ष
Supportive Supervision एवं निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता, बच्चों की सीखने की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेना है। ऐसे में समस्त प्रधानाध्यापकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने विद्यालय की सभी आवश्यक गतिविधियों के फोटो, अभिलेख और आंकड़े व्यवस्थित एवं अपडेट रखें, ताकि निरीक्षण के दौरान मांगी गई जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा सके।
विशेष सूचना: उपरोक्त बिंदु उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर तैयार किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान इनके अतिरिक्त अन्य जानकारियां भी मांगी जा सकती हैं।
