बैगलेस डे: 19 सितंबर (तृतीय शनिवार) की ‘स्वास्थ्य एवं स्वच्छता तथा फूड सेफ्टी’ की गतिविधियां

19 सितंबर 2026 बैगलेस डे पर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता तथा फूड सेफ्टी गतिविधि
HIGHLIGHTS
  1. गतिविधि का नाम: स्वास्थ्य एवं स्वच्छता तथा फूड सेफ्टी
  2. आयोजन तिथि: 19 सितम्बर 2026

19 सितंबर 2026, तृतीय शनिवार को परिषदीय विद्यालयों में निर्धारित बैगलेस डे कार्यक्रम के तहत ‘स्वास्थ्य एवं स्वच्छता तथा फूड सेफ्टी’ से संबंधित गतिविधियां कराई जाएंगी। इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ-सफाई, सुरक्षित भोजन और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को व्यवहारिक रूप से समझाना है। गतिविधि को केवल जानकारी देने तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को संवाद, विद्यालय परिसर के निरीक्षण, समूह कार्य, पोस्टर निर्माण और प्रस्तुतीकरण से जोड़ा जाए, ताकि बच्चे स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की अच्छी आदतों को अपने दैनिक जीवन से जोड़कर समझ सकें।

गतिविधि का उद्देश्य

इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया जाएगा कि स्वस्थ रहने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित भोजन भी जरूरी है। हाथों की सफाई, दांतों की देखभाल, नाखून काटना, साफ कपड़े पहनना, स्वच्छ पानी पीना और आसपास गंदगी न फैलाना जैसी आदतें स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

विद्यार्थियों को फूड सेफ्टी के बारे में भी बताया जाएगा कि भोजन को तैयार करते समय, रखने और खाने के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखना आवश्यक है। भोजन को ढककर रखना, साफ बर्तनों का उपयोग करना, खाने से पहले हाथ धोना तथा खराब या संदिग्ध भोजन से बचना सुरक्षित भोजन की अच्छी आदतों का हिस्सा है।

चरण 1: स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विद्यार्थियों से संवाद

गतिविधि की शुरुआत विद्यार्थियों के साथ बातचीत से की जाए। शिक्षक बच्चों से पूछें कि स्वस्थ रहने के लिए हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने अनुभव के आधार पर उत्तर देने का अवसर दिया जाए।

इसके बाद बच्चों से पूछा जाए कि वे रोज अपने शरीर और आसपास की सफाई के लिए क्या-क्या करते हैं। विद्यार्थी नहाने, दांत साफ करने, हाथ धोने, नाखून काटने, साफ कपड़े पहनने और स्वच्छ पानी पीने जैसी बातें बता सकते हैं।

शिक्षक बच्चों से यह भी पूछें—“यदि हम अपने शरीर और आसपास की सफाई न रखें तो क्या हो सकता है?” विद्यार्थियों के उत्तर सुनने के बाद समझाया जाए कि अस्वच्छ आदतों और गंदगी से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए स्वच्छता को केवल किसी विशेष दिन की गतिविधि न मानकर दैनिक आदत बनाना जरूरी है।

चरण 2: विद्यालय में स्वच्छता का निरीक्षण

इसके बाद विद्यार्थियों को छोटे-छोटे समूहों में बांटकर विद्यालय परिसर का निरीक्षण कराया जाए। प्रत्येक समूह को विद्यालय में स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़े स्थानों को ध्यानपूर्वक देखने के लिए कहा जाए।

विद्यार्थी मुख्य रूप से इन स्थानों का निरीक्षण कर सकते हैं—

  • कक्षा-कक्ष
  • पेयजल स्थल
  • हैंडवॉश स्टेशन
  • शौचालय
  • रसोई या भोजन वितरण का स्थान
  • विद्यालय परिसर

बच्चों से यह देखने को कहा जाए कि कहीं कूड़ा-कचरा खुले में तो नहीं पड़ा है, पानी का स्थान साफ है या नहीं, हाथ धोने के लिए पानी और साबुन की व्यवस्था है या नहीं तथा शौचालय की स्वच्छता कैसी है।

निरीक्षण के बाद प्रत्येक समूह अपने निष्कर्ष कॉपी में लिखे। बच्चे यह भी बताएं कि विद्यालय को और अधिक स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने के लिए क्या सुधार किए जा सकते हैं।

चरण 3: हाथ धोने की सही प्रक्रिया समझना

निरीक्षण के बाद विद्यार्थियों को हाथों की स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया जाए। शिक्षक समझाएं कि भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद हाथों को अच्छी तरह साफ करना आवश्यक है।

विद्यार्थियों को व्यवहारिक रूप से हाथ धोने की प्रक्रिया दिखाई जाए। पहले हाथों को पानी से गीला किया जाए, फिर साबुन लगाकर हथेलियों, हाथों की पीठ, उंगलियों के बीच, अंगूठे, नाखूनों के आसपास और कलाई को अच्छी तरह साफ किया जाए। इसके बाद साफ पानी से हाथ धोकर उन्हें उचित तरीके से सुखाने की प्रक्रिया समझाई जाए।

बच्चों से स्वयं हाथ धोने की प्रक्रिया दोहराने को कहा जा सकता है, ताकि उन्हें यह गतिविधि केवल जानकारी के रूप में नहीं बल्कि व्यवहारिक अभ्यास के रूप में समझ आए।

चरण 4: फूड सेफ्टी को समझना

अब विद्यार्थियों को फूड सेफ्टी यानी खाद्य सुरक्षा के बारे में सरल भाषा में समझाया जाए। शिक्षक बच्चों से पूछें कि भोजन को सुरक्षित रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बच्चों को बताया जाए कि भोजन को हमेशा साफ और सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। भोजन को ढककर रखना, साफ बर्तनों का प्रयोग करना, भोजन से पहले हाथ साफ करना और साफ पानी का उपयोग करना आवश्यक है।

फूड सेफ्टी के दौरान विद्यार्थियों को इन बातों पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा जा सकता है—

  • भोजन को ढककर रखें।
  • साफ बर्तनों का उपयोग करें।
  • भोजन करने से पहले हाथ साफ करें।
  • साफ पानी का उपयोग करें।
  • फल और सब्जियों को अच्छी तरह साफ करें।
  • खराब, बासी या संदिग्ध भोजन से बचें।
  • भोजन तैयार करने और परोसने वाले स्थान की स्वच्छता रखें।

इस दौरान बच्चों से घर में भोजन रखने और खाने से जुड़ी अपनी आदतों के बारे में भी चर्चा कराई जा सकती है।

चरण 5: सही और गलत आदतों की पहचान

विद्यार्थियों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी कुछ परिस्थितियां बताकर उनसे सही और गलत आदतों की पहचान कराई जाए।

उदाहरण के लिए शिक्षक पूछें कि बिना हाथ धोए भोजन करना सही है या गलत। बच्चे इसका उत्तर देंगे। इसी तरह भोजन को ढककर रखना, कूड़ा इधर-उधर फेंकना, खाने से पहले हाथ धोना, गंदे पानी का सेवन करना और विद्यालय परिसर को साफ रखना जैसी परिस्थितियों पर चर्चा कराई जा सकती है।

इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि स्वस्थ रहने के लिए किन आदतों को अपनाना चाहिए और किन आदतों से बचना चाहिए।

चरण 6: समूहों में पोस्टर और चार्ट बनाएं

अब विद्यार्थियों को छोटे समूहों में बांटकर स्वास्थ्य, स्वच्छता और फूड सेफ्टी से संबंधित पोस्टर एवं चार्ट तैयार कराया जाए।

समूहों को इस प्रकार विषय दिए जा सकते हैं—

  • समूह 1: स्वच्छ हाथ, स्वस्थ जीवन
  • समूह 2: स्वच्छ विद्यालय, स्वस्थ विद्यार्थी
  • समूह 3: सुरक्षित भोजन, स्वस्थ जीवन
  • समूह 4: व्यक्तिगत स्वच्छता की अच्छी आदतें

विद्यार्थी पोस्टर में “हाथ धोएं, स्वस्थ रहें”, “स्वच्छता अपनाएं, स्वस्थ रहें”, “भोजन को ढककर रखें”, “स्वच्छ पानी, स्वस्थ जीवन” जैसे संदेश लिख सकते हैं।

शिक्षक विद्यार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन दें, लेकिन पोस्टर और चार्ट तैयार करने में बच्चों को अपने विचार रखने और रचनात्मक तरीके से काम करने का अवसर दिया जाए।

चरण 7: समूह कार्य का प्रस्तुतीकरण

पोस्टर और चार्ट तैयार होने के बाद प्रत्येक समूह को अपना कार्य कक्षा के सामने प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाए। विद्यार्थी बताएं कि उन्होंने किस विषय पर पोस्टर बनाया है, उस विषय का स्वास्थ्य से क्या संबंध है और दैनिक जीवन में कौन-सी सावधानियां अपनाई जानी चाहिए।

शिक्षक विद्यार्थियों के प्रस्तुतीकरण के बाद आवश्यक जानकारी जोड़ते हुए विषय को स्पष्ट करें। इससे बच्चों में अपने विचार व्यक्त करने, समूह में कार्य करने और किसी विषय को समझाकर बताने का कौशल भी विकसित होगा।

चरण 8: स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का संकल्प

गतिविधि के अंतिम चरण में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षित भोजन से संबंधित संकल्प दिलाया जाए—

“मैं अपने शरीर और आसपास की स्वच्छता का ध्यान रखूंगा/रखूंगी। मैं भोजन करने से पहले और आवश्यक समय पर अपने हाथ साबुन से साफ करूंगा/करूंगी। मैं स्वच्छ और सुरक्षित पानी का उपयोग करूंगा/करूंगी। मैं भोजन को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने का प्रयास करूंगा/करूंगी। मैं विद्यालय और घर में कूड़ा-कचरा इधर-उधर नहीं फेंकूंगा/फेंकूंगी तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करूंगा/करूंगी।”

संकल्प के बाद विद्यार्थियों की सामूहिक फोटो ली जा सकती है।

गतिविधि का दस्तावेजीकरण ऐसे करें

गतिविधि का दस्तावेजीकरण करते समय केवल एक सामूहिक फोटो लेने के बजाय गतिविधि के अलग-अलग चरणों की फोटो लेना बेहतर रहेगा। फोटो में शिक्षक द्वारा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर चर्चा, विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय परिसर का निरीक्षण, हाथ धोने का अभ्यास, फूड सेफ्टी पर समूह चर्चा, पोस्टर एवं चार्ट निर्माण, समूह प्रस्तुतीकरण और संकल्प जैसे चरण शामिल किए जा सकते हैं।

विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए पोस्टर, चार्ट और अन्य गतिविधि सामग्री को भी सुरक्षित रखा जाए। गतिविधि के रिकॉर्ड में तिथि, गतिविधि का नाम, विद्यार्थियों की सहभागिता, गतिविधि के प्रमुख चरण, निष्कर्ष और फोटो साक्ष्य शामिल किए जा सकते हैं।

गतिविधि के बाद विद्यार्थियों के लिए अध्ययन कार्य

गतिविधि को विद्यालय से घर तक जोड़ने के लिए विद्यार्थियों को अपने घर में एक दिन स्वच्छता और भोजन की सुरक्षा का निरीक्षण करने को कहा जा सकता है।

वे यह लिखें—

  • घर में पीने का पानी कहां रखा जाता है।
  • भोजन किस प्रकार रखा जाता है।
  • भोजन से पहले हाथ धोने की व्यवस्था कैसी है।
  • घर में कूड़ा-कचरा कहां रखा जाता है।
  • स्वच्छता बनाए रखने के लिए कौन-कौन से उपाय अपनाए जाते हैं।
  • ऐसी कौन-सी एक आदत है जिसे वे घर में और बेहतर करना चाहते हैं।

अगले विद्यालय दिवस पर विद्यार्थियों से उनके अनुभव साझा कराए जा सकते हैं। इससे गतिविधि में मिली सीख केवल विद्यालय तक सीमित न रहकर बच्चों के घर और दैनिक जीवन का हिस्सा बन सकती है।

गतिविधि की संक्षिप्त आख्या

दिनांक 19 सितंबर 2026 को विद्यालय में ‘स्वास्थ्य एवं स्वच्छता तथा फूड सेफ्टी’ गतिविधि का आयोजन किया गया। गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित भोजन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों के साथ संवाद के बाद विद्यालय परिसर में स्वच्छता एवं स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कराया गया।

विद्यार्थियों ने पेयजल स्थल, हैंडवॉश स्टेशन, शौचालय, कक्षा-कक्ष तथा विद्यालय परिसर की स्वच्छता का अवलोकन किया और आवश्यक सुधार के सुझाव दिए। इसके बाद विद्यार्थियों को हाथ धोने की सही प्रक्रिया तथा फूड सेफ्टी से जुड़ी आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों ने समूहों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित पोस्टर और चार्ट तैयार किए तथा अपने कार्य का प्रस्तुतीकरण किया। अंत में विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित भोजन का उपयोग करने और विद्यालय एवं घर के आसपास स्वच्छता रखने का संकल्प दिलाया गया।

गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षित भोजन के प्रति जागरूकता विकसित हुई तथा उन्हें स्वस्थ आदतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का अवसर मिला।

निष्कर्ष

इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को केवल यह बताना नहीं है कि “स्वच्छ रहना चाहिए”, बल्कि उन्हें यह समझाना है कि व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित भोजन हमारे स्वास्थ्य से किस प्रकार जुड़े हैं।

जब विद्यार्थी स्वयं विद्यालय की स्वच्छता का निरीक्षण करेंगे, हाथ धोने की सही प्रक्रिया का अभ्यास करेंगे, भोजन की सुरक्षा पर चर्चा करेंगे और पोस्टर के माध्यम से संदेश देंगे, तो उन्हें स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का महत्व व्यवहारिक रूप से समझने में मदद मिलेगी।

स्वच्छता की शुरुआत छोटी-छोटी आदतों से होती है। हाथों की सफाई, सुरक्षित भोजन, स्वच्छ पानी और साफ वातावरण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर विद्यार्थी स्वयं भी स्वस्थ रह सकते हैं और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक कर सकते हैं।

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