आठवें वेतन आयोग के विरोध में पेंशनर्स का प्रदर्शन, कहा-‘पेंशन छीनने की साजिश रच रही सरकार’
प्रयागराज: आठवें वेतन आयोग के प्रावधानों और सरकार की नीतियों के खिलाफ सेवानिवृत्त कर्मचारियों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। विभिन्न विभागों के पेंशनर्स ने सरकार पर उनके हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को पत्थर गिरजाघर के पास स्थित धरना स्थल पर जोरदार प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया राज्य पेंशनर्स फेडरेशन एवं नेशनल कोऑर्डिनेशन आफ पेंशनर्स एसोसिएशन के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में वक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पेंशनर्स से पेंशन छीनने का षडयंत्र रच रही है।
सरकार की मंशा पर उठे सवाल
ऑल इंडिया आडिट एंड पेंशनर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सुभाष चंद्र पांडेय ने कहा कि सरकार पेंशन बंद करने की मंशा के साथ काम कर रही है और इसकी झलक आठवें वेतन आयोग के स्वरूप में साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने वैलिडेशन एक्ट वापस नहीं लिया, तो आगामी 1 जनवरी 2027 से पहले पेंशन खतरे में पड़ जाएगी।
वहीं, ऑल इंडिया आडिटर एकाउंट्स पेंशनर्स एसोसिएशन के अतिरिक्त महासचिव ऋषिश्वर उपाध्याय ने कहा कि यदि टर्म्स आफ रिफरेंस में बदलाव नहीं किया गया, तो सभी पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग का पूरा लाभ नहीं मिल सकेगा, जिसके विरोध में निरंतर आवाज उठाई जाएगी। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएल वर्मा ने सरकार की नीति को तानाशाही करार दिया।
पेंशनर्स ने एकता पर दिया जोर
प्रदर्शन के दौरान यूनाइटेड फोरम आफ पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील श्रीवास्तव व महासचिव योगेंद्र पांडेय ने सरकार की नीतियों को पूरी तरह से पेंशन विरोधी बताया। इसके अलावा एलआईसी के कर्मचारी नेता अविनाश चंद्र मिश्र, सिटीजन ब्रदरहुड के अध्यक्ष रवि श्रीवास्तव और महासचिव विनोद तिवारी ने दो टूक कहा कि पेंशन किसी की कृपा नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों का अधिकार है।
वरिष्ठ कर्मचारी नेता कृपाशंकर श्रीवास्तव और जेपीडब्ल्यूूसी के मंडल संयोजक पीके मिश्रा ने पेंशनर्स की एकजुटता पर विशेष जोर दिया। इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन शाखा प्रयागराज के अध्यक्ष आरपी पांडेय ने की तथा संचालन संतलाल सोनकर ने किया। प्रदर्शन में वीके श्रीवास्तव, एके भरद्वाज, मनोज पांडेय, सत्येंद्र बहादुर सिंह, आरएन सिंह, सुरेंद्र नाथ, विजयश्याम तिवारी, ओपी सिंह, अनुज पांडेय, त्रिवेणी सिंह, शशिशूषण पांडेय और विनोद कुमार श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे।
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