शिक्षक संकुल बैठक अक्टूबर 2026: जानें पूरा एजेंडा और सभी गतिविधियां

उत्तर प्रदेश शिक्षक संकुल बैठक अक्टूबर 2026 का आदेश और एजेंडा
HIGHLIGHTS
  1. संकुल बैठक आयोजन: 21 अक्टूबर 2026
  2. बैठक का समय: अपराह्न 1:00 बजे से 3:00 बजे तक

लखनऊ: बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता में सुधार, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति तथा शिक्षकों के मध्य नवाचारी शैक्षणिक अभ्यासों को साझा करने के उद्देश्य से माह अक्टूबर 2026 की शिक्षक संकुल बैठकों हेतु विस्तृत कार्ययोजना जारी की गई है। राज्य परियोजना निदेशक (मोनिका रानी) द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को जारी पत्रांक गुण०वि०/शिक्षक संकुल/6139/2026-27 के अनुसार यह बैठकें आयोजित की जाएंगी।

बैठक आयोजन के प्रमुख दिशा-निर्देश

  1. तिथि एवं समय: संकुल बैठकों का आयोजन 21 अक्टूबर 2026 को विद्यालय समयावधि में अपराह्न 1:00 बजे से 3:00 बजे तक (कुल 2 घंटे) किया जाएगा।
  2. स्तरवार पृथक बैठकें: प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए एजेंडा आधारित बैठकें अलग-अलग आयोजित की जाएंगी।
  3. रोटेशन आधारित सहभागिता: विद्यालयों का संचालन सुचारू रूप से चलता रहे, इसके लिए शिक्षकों की सहभागिता रोटेशन पद्धति के आधार पर तय की जाएगी।
  4. स्थान परिवर्तन (पियर लर्निंग): शिक्षकों के बीच आपसी संवाद और ‘पियर लर्निंग’ को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक माह बैठकें अलग-अलग विद्यालयों में आयोजित की जाएंगी।
  5. अधिकारियों का अनिवार्य अनुश्रवण: डायट प्राचार्य, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), बीएसए, बीईओ, डीसी (प्रशिक्षण), डायट मेंटर, एसआरजी (SRG) तथा एआरपी (ARP) द्वारा अनिवार्य रूप से किसी एक बैठक में प्रतिभाग किया जाएगा।
  6. प्रेरणा ऐप पर डाटा फीडिंग: बैठक समाप्ति के उपरांत समस्त शिक्षक संकुलों को ‘प्रेरणा ऐप’ पर उपलब्ध डी०सी०एफ० (DCF) पर बैठक से संबंधित सूचना अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी।

2-घंटे का विस्तृत एजेंडा (सत्रवार विवरण)

सत्र 1: प्रारंभिक प्रेरक उद्बोधन

  • समय अवधि: 5 मिनट
  • सुगमकर्ता: प्राचार्य डायट / AD बेसिक / BSA / डायट मेंटर / BEO / SRG / ARP / नोडल शिक्षक
  • विवरण: बैठक की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा, साझा जिम्मेदारी और बच्चों के सीखने में सुधार के संकल्प के साथ की जाएगी।

सत्र 2: उत्कृष्ट शैक्षिक प्रथाएँ तथा सफलता की कहानियाँ

  • समय अवधि: 75 मिनट
  • सुगमकर्ता: शिक्षक संकुल और शिक्षकों द्वारा
  • विवरण: शिक्षकों द्वारा स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक गुणवत्ता तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के प्रयासों से संबंधित नवाचार, उत्कृष्ट शैक्षिक प्रथाएँ तथा सफलता की कहानियाँ साझा की जाएँगी:
    • विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच और मौलिक चिंतन को बढ़ावा देने के लिए High Order Thinking Skills (HOTS) पर विशेष सत्र; बच्चों से केवल ‘क्या, कब, कहाँ’ की जगह ‘क्यों, कैसे, क्या अंतर है, क्या होता यदि…’ जैसे प्रश्नों तथा केस स्टडी, वाद-विवाद एवं समस्या-समाधान गतिविधियों पर चर्चा।
    • प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) के माध्यम से problem solving, critical thinking, peer-learning और group-learning को बढ़ावा।
    • क्रियाशील बालवाटिका के लिए अभिनव प्रयास।
    • रीडिंग कैम्पेन / Catch-Up रणनीति के संबंध में विशेष पहल।
    • डिजिटल संसाधनों के माध्यम से रुचिकर शिक्षण।
    • विद्यार्थियों की उपस्थिति में सुधार हेतु विशेष प्रयास।
    • सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित प्रयास।
    • i-GOT कर्मयोगी पोर्टल पर शिक्षकों द्वारा न्यूनतम 2 प्रशिक्षण कोर्स पूर्ण किया जाना।

सत्र 3: UDISE+ में विद्यालय, विद्यार्थी और शिक्षक Profile – Data Update

  • समय अवधि: 15 मिनट
  • सुगमकर्ता: शिक्षक संकुल और शिक्षकों द्वारा
  • विवरण:
    • उद्देश्य: शिक्षकों को UDISE+ पोर्टल में School Profile, Student Profile एवं Teacher Profile का शुद्ध डेटा/सूचना भरने के लिए प्रेरित करना।
    • तीन शिक्षकों से चर्चा: ‘आपने जो विकल्प चुना, उसका सबसे बड़ा कारण क्या है?’
    • पोर्टल खोले बिना तीनों प्रोफाइल से जुड़े 3-3 प्रश्न साझा करना।
    • शिक्षकों को तीन समूहों (समूह-1: विद्यालय Profile, समूह-2: Student Profile, समूह-3: Teacher Profile) में बाँटकर संभावित त्रुटियों और प्रमाणीकरण के तरीकों पर संक्षिप्त चर्चा।
    • अंत में नोडल शिक्षक द्वारा UDISE+ पोर्टल पर शुद्ध व प्रामाणिक डेटा भरने हेतु प्रस्तुतीकरण एवं Q&A के माध्यम से समाधान।

सत्र 4: Special Campaign 6.0

  • समय अवधि: 10 मिनट
  • सुगमकर्ता: शिक्षक संकुल और शिक्षकों द्वारा
  • विवरण:
    • Special Campaign 6.0 के संबंध में राज्य परियोजना कार्यालय के पत्रांक 6007 (दिनांक 9.10.2026) का पठन।
    • विद्यालयों में चार-बिन प्रणाली लागू करना:
      • हरा बिन (गीला कचरा): भोजन के अवशेष, फल एवं सब्जियों के छिलके।
      • नीला बिन (सूखा कचरा): कागज, प्लास्टिक, काँच, रबर एवं लकड़ी आदि।
      • लाल बिन (स्वच्छता अपशिष्ट): प्रयुक्त डायपर, सैनिटरी पैड आदि।
      • काला बिन (विशेष देखभाल योग्य अपशिष्ट): पेंट के डिब्बे, एक्सपायर्ड दवाएँ एवं खराब बल्ब आदि।
    • विद्यार्थियों को प्रतिदिन कचरे को सही बिन में डालने का व्यावहारिक अभ्यास कराना।

यह बैठकें विद्यालयों में शैक्षणिक परिवेश को मजबूत बनाने, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति तथा UDISE+ व स्वच्छता अभियानों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।

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